2 फ़रवरी 2028 को पारामारिबो का पंचांग

बुधवार, 2 फ़रवरी 2028, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

बुधवार, 2 फ़रवरी 2028 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (03:51, 3 फ़र॰ तक), नक्षत्र अश्विनी (03:09, 3 फ़र॰ तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 12:54 से 14:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:57 – 18:50
रात 06:57 तक
तिथि
सप्तमी, 03:51 तक
अष्टमी
नक्षत्र
अश्विनी, 03:09 तक
भरणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 03:51, 3 फ़र॰ तक
शुक्ल अष्टमी 04:17, 4 फ़र॰ तक
नक्षत्र
अश्विनी 03:09, 3 फ़र॰ तक
भरणी 04:09, 4 फ़र॰ तक
योग
साध्य 09:59 तक
शुभ 09:34, 3 फ़र॰ तक
करण
गर 15:22 तक
वणिज 03:51, 3 फ़र॰ तक
विष्टि (भद्रा) 16:10, 3 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:57
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
11:26
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:09
अभिजीत मुहूर्त
12:30 – 13:18 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:54 – 14:23
यमगंड
08:27 – 09:56
गुलिक काल
11:25 – 12:54

2 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:57 – 08:27शुभ
अमृत08:27 – 09:56शुभ
काल09:56 – 11:25टालें
शुभ11:25 – 12:54शुभ
रोग12:54 – 14:23टालें
उद्वेग14:23 – 15:52टालें
चर15:52 – 17:21सामान्य
लाभ17:21 – 18:50शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:50 – 20:21टालें
शुभ20:21 – 21:52शुभ
अमृत21:52 – 23:23शुभ
चर23:23 – 00:54सामान्य
रोग00:54 – 02:25टालें
काल02:25 – 03:56टालें
लाभ03:56 – 05:27शुभ
उद्वेग05:27 – 06:57टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:5707:57दिन
चंद्र07:5708:56दिन
शनि08:5609:56दिन
गुरु09:5610:55दिन
मंगल10:5511:54दिन
सूर्य11:5412:54दिन
शुक्र12:5413:53दिन
बुध13:5314:53दिन
चंद्र14:5315:52दिन
शनि15:5216:51दिन
गुरु16:5117:51दिन
मंगल17:5118:50दिन
सूर्य18:5019:51रात
शुक्र19:5120:51रात
बुध20:5121:52रात
चंद्र21:5222:53रात
शनि22:5323:53रात
गुरु23:5300:54रात
मंगल00:5401:54रात
सूर्य01:5402:55रात
शुक्र02:5503:56रात
बुध03:5604:56रात
चंद्र04:5605:57रात
शनि05:5706:57रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 फ़र॰ 2028कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 फ़र॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
24 फ़र॰ 2028फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
29 फ़र॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2494° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।