1 अप्रैल 2028 को पारामारिबो का पंचांग

शनिवार, 1 अप्रैल 2028, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

शनिवार, 1 अप्रैल 2028 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (04:52, 2 अप्रैल तक), नक्षत्र मृगशिरा (17:53 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 09:41 से 11:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:39 – 18:49
रात 06:38 तक
तिथि
सप्तमी, 04:52 तक
अष्टमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 17:53 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 04:52, 2 अप्रैल तक
शुक्ल अष्टमी 03:30, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र
आर्द्रा 17:27, 2 अप्रैल तक
योग
सौभाग्य 15:00 तक
शोभन 13:02, 2 अप्रैल तक
करण
गर 17:22 तक
वणिज 04:52, 2 अप्रैल तक
विष्टि (भद्रा) 16:15, 2 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:39
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
11:36
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:51
अभिजीत मुहूर्त
12:20 – 13:08

अशुभ समय

राहुकाल
09:41 – 11:13
यमगंड
14:15 – 15:47
गुलिक काल
06:39 – 08:10

1 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:39 – 08:10टालें
शुभ08:10 – 09:41शुभ
रोग09:41 – 11:13टालें
उद्वेग11:13 – 12:44टालें
चर12:44 – 14:15सामान्य
लाभ14:15 – 15:47शुभ
अमृत15:47 – 17:18शुभ
काल17:18 – 18:49टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:49 – 20:18शुभ
उद्वेग20:18 – 21:46टालें
शुभ21:46 – 23:15शुभ
अमृत23:15 – 00:44शुभ
चर00:44 – 02:12सामान्य
रोग02:12 – 03:41टालें
काल03:41 – 05:09टालें
लाभ05:09 – 06:38शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3907:39दिन
गुरु07:3908:40दिन
मंगल08:4009:41दिन
सूर्य09:4110:42दिन
शुक्र10:4211:43दिन
बुध11:4312:44दिन
चंद्र12:4413:45दिन
शनि13:4514:46दिन
गुरु14:4615:47दिन
मंगल15:4716:47दिन
सूर्य16:4717:48दिन
शुक्र17:4818:49दिन
बुध18:4919:48रात
चंद्र19:4820:47रात
शनि20:4721:46रात
गुरु21:4622:45रात
मंगल22:4523:45रात
सूर्य23:4500:44रात
शुक्र00:4401:43रात
बुध01:4302:42रात
चंद्र02:4203:41रात
शनि03:4104:40रात
गुरु04:4005:39रात
मंगल05:3906:38रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
5 अप्रैल 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
7 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
9 अप्रैल 2028चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
12 अप्रैल 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अप्रैल 2028मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 अप्रैल 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
24 अप्रैल 2028वैशाख अमावस्याअमावस्या
28 अप्रैल 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2517° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।