28 अगस्त 2028 को पारामारिबो का पंचांग

सोमवार, 28 अगस्त 2028, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

सोमवार, 28 अगस्त 2028 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (10:20 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (11:16 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 08:06 से 09:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:34 – 18:48
रात 06:34 तक
तिथि
नवमी, 10:20 तक
दशमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 11:16 तक
मूल
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अगस्त 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल नवमी 10:20 तक
शुक्ल दशमी 11:01, 29 अग॰ तक
नक्षत्र
मूल 12:38, 29 अग॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 14:25 तक
प्रीति 14:01, 29 अग॰ तक
करण
कौलव 10:20 तक
तैतिल 22:36 तक
गर 11:01, 29 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
14:03
चंद्रास्त
01:11
दिनमान
12h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 13:06

अशुभ समय

राहुकाल
08:06 – 09:38
यमगंड
11:09 – 12:41
गुलिक काल
14:13 – 15:45

28 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:34 – 08:06शुभ
काल08:06 – 09:38टालें
शुभ09:38 – 11:09शुभ
रोग11:09 – 12:41टालें
उद्वेग12:41 – 14:13टालें
चर14:13 – 15:45सामान्य
लाभ15:45 – 17:17शुभ
अमृत17:17 – 18:48शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:48 – 20:17सामान्य
रोग20:17 – 21:45टालें
काल21:45 – 23:13टालें
लाभ23:13 – 00:41शुभ
उद्वेग00:41 – 02:09टालें
शुभ02:09 – 03:37शुभ
अमृत03:37 – 05:06शुभ
चर05:06 – 06:34सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3407:35दिन
शनि07:3508:36दिन
गुरु08:3609:38दिन
मंगल09:3810:39दिन
सूर्य10:3911:40दिन
शुक्र11:4012:41दिन
बुध12:4113:42दिन
चंद्र13:4214:44दिन
शनि14:4415:45दिन
गुरु15:4516:46दिन
मंगल16:4617:47दिन
सूर्य17:4718:48दिन
शुक्र18:4819:47रात
बुध19:4720:46रात
चंद्र20:4621:45रात
शनि21:4522:44रात
गुरु22:4423:42रात
मंगल23:4200:41रात
सूर्य00:4101:40रात
शुक्र01:4002:39रात
बुध02:3903:37रात
चंद्र03:3704:36रात
शनि04:3605:35रात
गुरु05:3506:34रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 अग॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 सित॰ 2028भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
7 सित॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 सित॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 सित॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 सित॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 सित॰ 2028कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2028आश्विन अमावस्याअमावस्या
21 सित॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2574° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।