18 सितंबर 2028 को पारामारिबो का पंचांग

सोमवार, 18 सितंबर 2028, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

सोमवार, 18 सितंबर 2028 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (15:23 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (06:53 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 08:01 से 09:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 18:38
रात 06:30 तक
तिथि
अमावस्या, 15:23 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 03:47 तक
हस्त
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 सितंबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
अमावस्या 15:23 तक
शुक्ल प्रतिपदा 11:30, 19 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 03:47, 19 सित॰ तक
हस्त 00:48, 20 सित॰ तक
योग
शुभ 19:02 तक
शुक्ल 14:43, 19 सित॰ तक
करण
नाग 15:23 तक
किंस्तुघ्न 01:26, 19 सित॰ तक
बव 11:30, 19 सित॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 12:06 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
06:08
चंद्रास्त
18:31
दिनमान
12h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:58

अशुभ समय

राहुकाल
08:01 – 09:32
यमगंड
11:03 – 12:34
गुलिक काल
14:05 – 15:36

18 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:30 – 08:01शुभ
काल08:01 – 09:32टालें
शुभ09:32 – 11:03शुभ
रोग11:03 – 12:34टालें
उद्वेग12:34 – 14:05टालें
चर14:05 – 15:36सामान्य
लाभ15:36 – 17:07शुभ
अमृत17:07 – 18:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:38 – 20:07सामान्य
रोग20:07 – 21:36टालें
काल21:36 – 23:05टालें
लाभ23:05 – 00:34शुभ
उद्वेग00:34 – 02:03टालें
शुभ02:03 – 03:32शुभ
अमृत03:32 – 05:01शुभ
चर05:01 – 06:30सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3007:31दिन
शनि07:3108:31दिन
गुरु08:3109:32दिन
मंगल09:3210:33दिन
सूर्य10:3311:33दिन
शुक्र11:3312:34दिन
बुध12:3413:35दिन
चंद्र13:3514:35दिन
शनि14:3515:36दिन
गुरु15:3616:37दिन
मंगल16:3717:37दिन
सूर्य17:3718:38दिन
शुक्र18:3819:37रात
बुध19:3720:37रात
चंद्र20:3721:36रात
शनि21:3622:35रात
गुरु22:3523:35रात
मंगल23:3500:34रात
सूर्य00:3401:33रात
शुक्र01:3302:33रात
बुध02:3303:32रात
चंद्र03:3204:31रात
शनि04:3105:31रात
गुरु05:3106:30रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 सित॰ 2028आश्विन अमावस्याअमावस्या
21 सित॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 सित॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 अक्टू॰ 2028आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
7 अक्टू॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 अक्टू॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 अक्टू॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 अक्टू॰ 2028तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
17 अक्टू॰ 2028कार्तिक अमावस्याअमावस्या

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2582° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।