30 दिसंबर 2028 को पारामारिबो का पंचांग

शनिवार, 30 दिसंबर 2028, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

शनिवार, 30 दिसंबर 2028 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (14:44 तक), नक्षत्र मृगशिरा (20:46 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:49 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 09:46 से 11:15 तक है।

दिन और रात
दिन 06:49 – 18:37
रात 06:50 तक
तिथि
चतुर्दशी, 14:44 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
मृगशिरा, 20:46 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 दिसंबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 14:44 तक
पूर्णिमा 13:48, 31 दिस॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 20:20, 31 दिस॰ तक
योग
शुक्ल 17:04 तक
ब्रह्म 15:04, 31 दिस॰ तक
करण
वणिज 14:44 तक
विष्टि (भद्रा) 02:20, 31 दिस॰ तक
बव 13:48, 31 दिस॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 08:47 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:49
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
17:47
चंद्रास्त
05:40
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:12 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
12:19 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
09:46 – 11:15
यमगंड
14:11 – 15:40
गुलिक काल
06:49 – 08:18

30 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:49 – 08:18टालें
शुभ08:18 – 09:46शुभ
रोग09:46 – 11:15टालें
उद्वेग11:15 – 12:43टालें
चर12:43 – 14:11सामान्य
लाभ14:11 – 15:40शुभ
अमृत15:40 – 17:08शुभ
काल17:08 – 18:37टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:37 – 20:08शुभ
उद्वेग20:08 – 21:40टालें
शुभ21:40 – 23:12शुभ
अमृत23:12 – 00:43शुभ
चर00:43 – 02:15सामान्य
रोग02:15 – 03:46टालें
काल03:46 – 05:18टालें
लाभ05:18 – 06:50शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4907:48दिन
गुरु07:4808:47दिन
मंगल08:4709:46दिन
सूर्य09:4610:45दिन
शुक्र10:4511:44दिन
बुध11:4412:43दिन
चंद्र12:4313:42दिन
शनि13:4214:41दिन
गुरु14:4115:40दिन
मंगल15:4016:39दिन
सूर्य16:3917:38दिन
शुक्र17:3818:37दिन
बुध18:3719:38रात
चंद्र19:3820:39रात
शनि20:3921:40रात
गुरु21:4022:41रात
मंगल22:4123:42रात
सूर्य23:4200:43रात
शुक्र00:4301:44रात
बुध01:4402:45रात
चंद्र02:4503:46रात
शनि03:4604:48रात
गुरु04:4805:49रात
मंगल05:4906:50रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
31 दिस॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
3 जन॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 जन॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
14 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2621° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।