6 जनवरी 2029 को पारामारिबो का पंचांग

शनिवार, 6 जनवरी 2029, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

शनिवार, 6 जनवरी 2029 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (23:30 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (12:01 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:52 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 09:49 से 11:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:52 – 18:40
रात 06:53 तक
तिथि
सप्तमी, 23:30 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 12:01 तक
हस्त
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 23:30 तक
कृष्ण अष्टमी 21:24, 7 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 10:32, 7 जन॰ तक
योग
शोभन 18:52 तक
अतिगंडअशुभ 15:54, 7 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:36 तक
बव 23:30 तक
बालव 10:26, 7 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:52
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:38
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:15 – 06:03
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:10

अशुभ समय

राहुकाल
09:49 – 11:18
यमगंड
14:15 – 15:43
गुलिक काल
06:52 – 08:21

6 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:52 – 08:21टालें
शुभ08:21 – 09:49शुभ
रोग09:49 – 11:18टालें
उद्वेग11:18 – 12:46टालें
चर12:46 – 14:15सामान्य
लाभ14:15 – 15:43शुभ
अमृत15:43 – 17:12शुभ
काल17:12 – 18:40टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:40 – 20:12शुभ
उद्वेग20:12 – 21:43टालें
शुभ21:43 – 23:15शुभ
अमृत23:15 – 00:46शुभ
चर00:46 – 02:18सामान्य
रोग02:18 – 03:49टालें
काल03:49 – 05:21टालें
लाभ05:21 – 06:53शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5207:51दिन
गुरु07:5108:50दिन
मंगल08:5009:49दिन
सूर्य09:4910:48दिन
शुक्र10:4811:47दिन
बुध11:4712:46दिन
चंद्र12:4613:45दिन
शनि13:4514:44दिन
गुरु14:4415:43दिन
मंगल15:4316:42दिन
सूर्य16:4217:41दिन
शुक्र17:4118:40दिन
बुध18:4019:41रात
चंद्र19:4120:42रात
शनि20:4221:43रात
गुरु21:4322:44रात
मंगल22:4423:45रात
सूर्य23:4500:46रात
शुक्र00:4601:47रात
बुध01:4702:48रात
चंद्र02:4803:49रात
शनि03:4904:50रात
गुरु04:5005:52रात
मंगल05:5206:53रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 जन॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
14 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2624° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।