18 जनवरी 2029 को पारामारिबो का पंचांग

गुरुवार, 18 जनवरी 2029, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

गुरुवार, 18 जनवरी 2029 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (19:47 तक), नक्षत्र शतभिषा (14:02 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:56 पर और सूर्यास्त 18:46 पर है। राहुकाल 14:19 से 15:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:56 – 18:46
रात 06:56 तक
तिथि
चतुर्थी, 19:47 तक
पंचमी
नक्षत्र
शतभिषा, 14:02 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जनवरी 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 19:47 तक
शुक्ल पंचमी 22:10, 19 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 14:02 तक
पूर्वा भाद्रपद 16:48, 19 जन॰ तक
योग
वरीयान 23:56 तक
परिघअशुभ 00:40, 20 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 19:47 तक
बव 08:56, 19 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:56
सूर्यास्त
18:46
चंद्रोदय
09:36
चंद्रास्त
21:54
दिनमान
11h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:07
अभिजीत मुहूर्त
12:27 – 13:14

अशुभ समय

राहुकाल
14:19 – 15:48
यमगंड
06:56 – 08:25
गुलिक काल
09:53 – 11:22

18 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:56 – 08:25शुभ
रोग08:25 – 09:53टालें
उद्वेग09:53 – 11:22टालें
चर11:22 – 12:51सामान्य
लाभ12:51 – 14:19शुभ
अमृत14:19 – 15:48शुभ
काल15:48 – 17:17टालें
शुभ17:17 – 18:46शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:46 – 20:17शुभ
चर20:17 – 21:48सामान्य
रोग21:48 – 23:20टालें
काल23:20 – 00:51टालें
लाभ00:51 – 02:22शुभ
उद्वेग02:22 – 03:53टालें
शुभ03:53 – 05:25शुभ
अमृत05:25 – 06:56शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5607:55दिन
मंगल07:5508:54दिन
सूर्य08:5409:53दिन
शुक्र09:5310:52दिन
बुध10:5211:52दिन
चंद्र11:5212:51दिन
शनि12:5113:50दिन
गुरु13:5014:49दिन
मंगल14:4915:48दिन
सूर्य15:4816:47दिन
शुक्र16:4717:46दिन
बुध17:4618:46दिन
चंद्र18:4619:47रात
शनि19:4720:47रात
गुरु20:4721:48रात
मंगल21:4822:49रात
सूर्य22:4923:50रात
शुक्र23:5000:51रात
बुध00:5101:52रात
चंद्र01:5202:53रात
शनि02:5303:53रात
गुरु03:5304:54रात
मंगल04:5405:55रात
सूर्य05:5506:56रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2629° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।