14 मार्च 2029 को पारामारिबो का पंचांग

बुधवार, 14 मार्च 2029, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

बुधवार, 14 मार्च 2029 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (01:19, 15 मार्च तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (06:49, 15 मार्च तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 18:52 पर है। राहुकाल 12:49 से 14:20 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 18:52
रात 06:46 तक
तिथि
अमावस्या, 01:19 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
अमावस्या 01:19, 15 मार्च तक
शुक्ल प्रतिपदा 03:43, 16 मार्च तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 06:49, 15 मार्च तक
योग
साध्य 10:44 तक
शुभ 11:28, 15 मार्च तक
करण
चतुष्पद 12:10 तक
नाग 01:19, 15 मार्च तक
किंस्तुघ्न 14:30, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
कुंभ 00:06, 15 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
18:52
चंद्रोदय
06:11
चंद्रास्त
18:30
दिनमान
12h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:12 – 05:59
अभिजीत मुहूर्त
12:25 – 13:13 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:49 – 14:20
यमगंड
08:17 – 09:48
गुलिक काल
11:19 – 12:49

14 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:47 – 08:17शुभ
अमृत08:17 – 09:48शुभ
काल09:48 – 11:19टालें
शुभ11:19 – 12:49शुभ
रोग12:49 – 14:20टालें
उद्वेग14:20 – 15:50टालें
चर15:50 – 17:21सामान्य
लाभ17:21 – 18:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:52 – 20:21टालें
शुभ20:21 – 21:50शुभ
अमृत21:50 – 23:20शुभ
चर23:20 – 00:49सामान्य
रोग00:49 – 02:18टालें
काल02:18 – 03:48टालें
लाभ03:48 – 05:17शुभ
उद्वेग05:17 – 06:46टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4707:47दिन
चंद्र07:4708:48दिन
शनि08:4809:48दिन
गुरु09:4810:48दिन
मंगल10:4811:49दिन
सूर्य11:4912:49दिन
शुक्र12:4913:50दिन
बुध13:5014:50दिन
चंद्र14:5015:50दिन
शनि15:5016:51दिन
गुरु16:5117:51दिन
मंगल17:5118:52दिन
सूर्य18:5219:51रात
शुक्र19:5120:51रात
बुध20:5121:50रात
चंद्र21:5022:50रात
शनि22:5023:49रात
गुरु23:4900:49रात
मंगल00:4901:49रात
सूर्य01:4902:48रात
शुक्र02:4803:48रात
बुध03:4804:47रात
चंद्र04:4705:47रात
शनि05:4706:46रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
14 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
19 मार्च 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मार्च 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 मार्च 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 मार्च 2029अधिक चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
2 अप्रैल 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 अप्रैल 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 अप्रैल 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 अप्रैल 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2650° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।