13 मार्च 2029 को पारामारिबो का पंचांग

मंगलवार, 13 मार्च 2029, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

मंगलवार, 13 मार्च 2029 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (23:03 तक), नक्षत्र शतभिषा (04:02, 14 मार्च तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 18:52 पर है। राहुकाल 15:51 से 17:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 18:52
रात 06:47 तक
तिथि
चतुर्दशी, 23:03 तक
अमावस्या
नक्षत्र
शतभिषा, 04:02 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 मार्च 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 23:03 तक
अमावस्या 01:19, 15 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 04:02, 14 मार्च तक
पूर्वा भाद्रपद 06:49, 15 मार्च तक
योग
सिद्ध 10:07 तक
साध्य 10:44, 14 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:00 तक
शकुनि 23:03 तक
चतुष्पद 12:10, 14 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
18:52
चंद्रोदय
05:32
चंद्रास्त
17:48
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:12 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
12:25 – 13:14

अशुभ समय

राहुकाल
15:51 – 17:21
यमगंड
09:48 – 11:19
गुलिक काल
12:50 – 14:20

13 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:47 – 08:18टालें
उद्वेग08:18 – 09:48टालें
चर09:48 – 11:19सामान्य
लाभ11:19 – 12:50शुभ
अमृत12:50 – 14:20शुभ
काल14:20 – 15:51टालें
शुभ15:51 – 17:21शुभ
रोग17:21 – 18:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:52 – 20:21टालें
लाभ20:21 – 21:51शुभ
उद्वेग21:51 – 23:20टालें
शुभ23:20 – 00:49शुभ
अमृत00:49 – 02:19शुभ
चर02:19 – 03:48सामान्य
रोग03:48 – 05:18टालें
काल05:18 – 06:47टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:4707:48दिन
सूर्य07:4808:48दिन
शुक्र08:4809:48दिन
बुध09:4810:49दिन
चंद्र10:4911:49दिन
शनि11:4912:50दिन
गुरु12:5013:50दिन
मंगल13:5014:50दिन
सूर्य14:5015:51दिन
शुक्र15:5116:51दिन
बुध16:5117:51दिन
चंद्र17:5118:52दिन
शनि18:5219:51रात
गुरु19:5120:51रात
मंगल20:5121:51रात
सूर्य21:5122:50रात
शुक्र22:5023:50रात
बुध23:5000:49रात
चंद्र00:4901:49रात
शनि01:4902:49रात
गुरु02:4903:48रात
मंगल03:4804:48रात
सूर्य04:4805:47रात
शुक्र05:4706:47रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
14 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
19 मार्च 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मार्च 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 मार्च 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 मार्च 2029अधिक चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
2 अप्रैल 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 अप्रैल 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 अप्रैल 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 अप्रैल 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2649° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।