14 सितंबर 2029 को पारामारिबो का पंचांग

शुक्रवार, 14 सितंबर 2029, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

शुक्रवार, 14 सितंबर 2029 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (11:14 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (01:35, 15 सित॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 11:04 से 12:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 18:40
रात 06:31 तक
तिथि
सप्तमी, 11:14 तक
अष्टमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 01:35 तक
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 सितंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 11:14 तक
शुक्ल अष्टमी 09:52, 15 सित॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 01:35, 15 सित॰ तक
मूल 01:16, 16 सित॰ तक
योग
प्रीति 22:49 तक
आयुष्मान 20:50, 15 सित॰ तक
करण
वणिज 11:14 तक
विष्टि (भद्रा) 22:29 तक
बव 09:52, 15 सित॰ तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 01:35, 15 सित॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
12:17
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
11:04 – 12:36
यमगंड
15:38 – 17:09
गुलिक काल
08:02 – 09:33

14 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:31 – 08:02सामान्य
लाभ08:02 – 09:33शुभ
अमृत09:33 – 11:04शुभ
काल11:04 – 12:36टालें
शुभ12:36 – 14:07शुभ
रोग14:07 – 15:38टालें
उद्वेग15:38 – 17:09टालें
चर17:09 – 18:40सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:40 – 20:09टालें
काल20:09 – 21:38टालें
लाभ21:38 – 23:07शुभ
उद्वेग23:07 – 00:35टालें
शुभ00:35 – 02:04शुभ
अमृत02:04 – 03:33शुभ
चर03:33 – 05:02सामान्य
रोग05:02 – 06:31टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3107:32दिन
बुध07:3208:33दिन
चंद्र08:3309:33दिन
शनि09:3310:34दिन
गुरु10:3411:35दिन
मंगल11:3512:36दिन
सूर्य12:3613:36दिन
शुक्र13:3614:37दिन
बुध14:3715:38दिन
चंद्र15:3816:39दिन
शनि16:3917:39दिन
गुरु17:3918:40दिन
मंगल18:4019:39रात
सूर्य19:3920:39रात
शुक्र20:3921:38रात
बुध21:3822:37रात
चंद्र22:3723:36रात
शनि23:3600:35रात
गुरु00:3501:35रात
मंगल01:3502:34रात
सूर्य02:3403:33रात
शुक्र03:3304:32रात
बुध04:3205:32रात
चंद्र05:3206:31रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
16 सित॰ 2029कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 सित॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 सित॰ 2029भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
26 सित॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 सित॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
3 अक्टू॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 अक्टू॰ 2029आश्विन अमावस्याअमावस्या
10 अक्टू॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2720° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।