23 सितंबर 2029 को पारामारिबो का पंचांग

रविवार, 23 सितंबर 2029, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

रविवार, 23 सितंबर 2029 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (15:29 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (11:21 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 18:35 पर है। राहुकाल 17:05 से 18:35 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 18:35
रात 06:29 तक
तिथि
प्रतिपदा, 15:29 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 11:21 तक
रेवती
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 सितंबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 15:29 तक
कृष्ण द्वितीया 17:46, 24 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 14:07, 24 सित॰ तक
योग
वृद्धि 17:42 तक
ध्रुव 18:29, 24 सित॰ तक
करण
कौलव 15:29 तक
तैतिल 04:35, 24 सित॰ तक
गर 17:46, 24 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
18:35
चंद्रोदय
19:11
चंद्रास्त
06:57
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
17:05 – 18:35
यमगंड
12:32 – 14:03
गुलिक काल
15:34 – 17:05

23 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:29 – 08:00टालें
चर08:00 – 09:31सामान्य
लाभ09:31 – 11:02शुभ
अमृत11:02 – 12:32शुभ
काल12:32 – 14:03टालें
शुभ14:03 – 15:34शुभ
रोग15:34 – 17:05टालें
उद्वेग17:05 – 18:35टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:35 – 20:05शुभ
अमृत20:05 – 21:34शुभ
चर21:34 – 23:03सामान्य
रोग23:03 – 00:32टालें
काल00:32 – 02:01टालें
लाभ02:01 – 03:31शुभ
उद्वेग03:31 – 05:00टालें
शुभ05:00 – 06:29शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2907:30दिन
शुक्र07:3008:30दिन
बुध08:3009:31दिन
चंद्र09:3110:31दिन
शनि10:3111:32दिन
गुरु11:3212:32दिन
मंगल12:3213:33दिन
सूर्य13:3314:33दिन
शुक्र14:3315:34दिन
बुध15:3416:34दिन
चंद्र16:3417:35दिन
शनि17:3518:35दिन
गुरु18:3519:35रात
मंगल19:3520:34रात
सूर्य20:3421:34रात
शुक्र21:3422:33रात
बुध22:3323:33रात
चंद्र23:3300:32रात
शनि00:3201:32रात
गुरु01:3202:31रात
मंगल02:3103:31रात
सूर्य03:3104:30रात
शुक्र04:3005:30रात
बुध05:3006:29रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
26 सित॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 सित॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
3 अक्टू॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 अक्टू॰ 2029आश्विन अमावस्याअमावस्या
10 अक्टू॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
17 अक्टू॰ 2029तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 अक्टू॰ 2029आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2723° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।