2 अक्टूबर 2029 को पारामारिबो का पंचांग

मंगलवार, 2 अक्टूबर 2029, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

मंगलवार, 2 अक्टूबर 2029 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (06:38 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (06:52 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 15:30 से 17:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 18:31
रात 06:27 तक
तिथि
दशमी, 06:01 तक
नक्षत्र
पुष्य
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण नवमी 06:38 तक
कृष्ण दशमी 06:01, 3 अक्टू॰ तक
कृष्ण एकादशी 04:32, 4 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 06:54, 3 अक्टू॰ तक
योग
शिव 20:35 तक
सिद्ध 18:34, 3 अक्टू॰ तक
करण
गर 06:38 तक
वणिज 18:26 तक
विष्टि (भद्रा) 06:01, 3 अक्टू॰ तक
बव 17:22, 3 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
01:33
चंद्रास्त
14:13
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
15:30 – 17:01
यमगंड
09:28 – 10:59
गुलिक काल
12:29 – 14:00

2 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:28 – 07:58टालें
उद्वेग07:58 – 09:28टालें
चर09:28 – 10:59सामान्य
लाभ10:59 – 12:29शुभ
अमृत12:29 – 14:00शुभ
काल14:00 – 15:30टालें
शुभ15:30 – 17:01शुभ
रोग17:01 – 18:31टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:31 – 20:01टालें
लाभ20:01 – 21:30शुभ
उद्वेग21:30 – 23:00टालें
शुभ23:00 – 00:29शुभ
अमृत00:29 – 01:59शुभ
चर01:59 – 03:28सामान्य
रोग03:28 – 04:58टालें
काल04:58 – 06:27टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2807:28दिन
सूर्य07:2808:28दिन
शुक्र08:2809:28दिन
बुध09:2810:29दिन
चंद्र10:2911:29दिन
शनि11:2912:29दिन
गुरु12:2913:30दिन
मंगल13:3014:30दिन
सूर्य14:3015:30दिन
शुक्र15:3016:30दिन
बुध16:3017:31दिन
चंद्र17:3118:31दिन
शनि18:3119:31रात
गुरु19:3120:30रात
मंगल20:3021:30रात
सूर्य21:3022:30रात
शुक्र22:3023:30रात
बुध23:3000:29रात
चंद्र00:2901:29रात
शनि01:2902:29रात
गुरु02:2903:28रात
मंगल03:2804:28रात
सूर्य04:2805:28रात
शुक्र05:2806:27रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 अक्टू॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 अक्टू॰ 2029आश्विन अमावस्याअमावस्या
10 अक्टू॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
17 अक्टू॰ 2029तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 अक्टू॰ 2029आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
26 अक्टू॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 अक्टू॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2727° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।