19 नवंबर 2029 को पारामारिबो का पंचांग

सोमवार, 19 नवंबर 2029, पारामारिबो, Suriname। समय America/Paramaribo में है।

सोमवार, 19 नवंबर 2029 को पारामारिबो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (22:32 तक), नक्षत्र भरणी (08:31, 20 नव॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 07:59 से 09:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 18:21
रात 06:31 तक
तिथि
चतुर्दशी, 22:32 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
भरणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 नवंबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 22:32 तक
पूर्णिमा 01:03, 21 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 08:31, 20 नव॰ तक
योग
वरीयान 07:00, 20 नव॰ तक
करण
गर 09:15 तक
वणिज 22:32 तक
विष्टि (भद्रा) 11:48, 20 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
17:15
चंद्रास्त
05:08
दिनमान
11h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
07:59 – 09:28
यमगंड
10:57 – 12:26
गुलिक काल
13:54 – 15:23

19 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:30 – 07:59शुभ
काल07:59 – 09:28टालें
शुभ09:28 – 10:57शुभ
रोग10:57 – 12:26टालें
उद्वेग12:26 – 13:54टालें
चर13:54 – 15:23सामान्य
लाभ15:23 – 16:52शुभ
अमृत16:52 – 18:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:21 – 19:52सामान्य
रोग19:52 – 21:23टालें
काल21:23 – 22:55टालें
लाभ22:55 – 00:26शुभ
उद्वेग00:26 – 01:57टालें
शुभ01:57 – 03:28शुभ
अमृत03:28 – 04:59शुभ
चर04:59 – 06:31सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3007:30दिन
शनि07:3008:29दिन
गुरु08:2909:28दिन
मंगल09:2810:27दिन
सूर्य10:2711:26दिन
शुक्र11:2612:26दिन
बुध12:2613:25दिन
चंद्र13:2514:24दिन
शनि14:2415:23दिन
गुरु15:2316:22दिन
मंगल16:2217:22दिन
सूर्य17:2218:21दिन
शुक्र18:2119:22रात
बुध19:2220:22रात
चंद्र20:2221:23रात
शनि21:2322:24रात
गुरु22:2423:25रात
मंगल23:2500:26रात
सूर्य00:2601:27रात
शुक्र01:2702:27रात
बुध02:2703:28रात
चंद्र03:2804:29रात
शनि04:2905:30रात
गुरु05:3006:31रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
20 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
25 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
8 दिस॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
15 दिस॰ 2029धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
16 दिस॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां पारामारिबो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2745° (लाहिड़ी)। समय पारामारिबो (America/Paramaribo) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।