8 नवंबर 2076 को पटना का पंचांग

रविवार, 8 नवंबर 2076, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 8 नवंबर 2076 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (08:46 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (10:25 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 17:03 पर है। राहुकाल 15:41 से 17:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 17:03
रात 06:03 तक
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 10:25 तक
रेवती
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 नवंबर 2076 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 08:46 तक
शुक्ल त्रयोदशी 06:25, 9 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 08:49, 9 नव॰ तक
योग
हर्षण 07:41 तक
वज्रअशुभ 04:35, 9 नव॰ तक
सिद्धि 01:41, 10 नव॰ तक
करण
बालव 08:46 तक
कौलव 19:34 तक
तैतिल 06:25, 9 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
17:03
चंद्रोदय
15:34
चंद्रास्त
03:08
दिनमान
11h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2133
शक संवत
1998, दुर्मुख संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
15:41 – 17:03
यमगंड
11:33 – 12:55
गुलिक काल
14:18 – 15:41

8 नवंबर 2076 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:02 – 07:25टालें
चर07:25 – 08:47सामान्य
लाभ08:47 – 10:10शुभ
अमृत10:10 – 11:33शुभ
काल11:33 – 12:55टालें
शुभ12:55 – 14:18शुभ
रोग14:18 – 15:41टालें
उद्वेग15:41 – 17:03टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:03 – 18:41शुभ
अमृत18:41 – 20:18शुभ
चर20:18 – 21:55सामान्य
रोग21:55 – 23:33टालें
काल23:33 – 01:10टालें
लाभ01:10 – 02:48शुभ
उद्वेग02:48 – 04:25टालें
शुभ04:25 – 06:03शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0206:57दिन
शुक्र06:5707:52दिन
बुध07:5208:47दिन
चंद्र08:4709:42दिन
शनि09:4210:37दिन
गुरु10:3711:33दिन
मंगल11:3312:28दिन
सूर्य12:2813:23दिन
शुक्र13:2314:18दिन
बुध14:1815:13दिन
चंद्र15:1316:08दिन
शनि16:0817:03दिन
गुरु17:0318:08रात
मंगल18:0819:13रात
सूर्य19:1320:18रात
शुक्र20:1821:23रात
बुध21:2322:28रात
चंद्र22:2823:33रात
शनि23:3300:38रात
गुरु00:3801:43रात
मंगल01:4302:48रात
सूर्य02:4803:53रात
शुक्र03:5304:58रात
बुध04:5806:03रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 नव॰ 2076प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 नव॰ 2076कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
14 नव॰ 2076संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
16 नव॰ 2076वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
19 नव॰ 2076कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
22 नव॰ 2076कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
24 नव॰ 2076प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 नव॰ 2076मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
30 नव॰ 2076विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
6 दिस॰ 2076शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां पटना में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.9308° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।