8 फ़रवरी 2026 को पर्थ का पंचांग

रविवार, 8 फ़रवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

रविवार, 8 फ़रवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (07:31, 9 फ़र॰ तक), नक्षत्र स्वाति (07:32, 9 फ़र॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:47 पर और सूर्यास्त 19:13 पर है। राहुकाल 17:32 से 19:13 तक है।

दिन और रात
दिन 05:47 – 19:13
रात 05:48 तक
तिथि
सप्तमी
नक्षत्र
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 07:31, 9 फ़र॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 07:32, 9 फ़र॰ तक
योग
गंडअशुभ 02:38, 9 फ़र॰ तक
वृद्धि 03:21, 10 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 18:25 तक
बव 07:31, 9 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
19:13
चंद्रोदय
22:35
चंद्रास्त
11:49
दिनमान
13h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
17:32 – 19:13
यमगंड
12:30 – 14:11
गुलिक काल
15:51 – 17:32

8 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:47 – 07:28टालें
चर07:28 – 09:09सामान्य
लाभ09:09 – 10:49शुभ
अमृत10:49 – 12:30शुभ
काल12:30 – 14:11टालें
शुभ14:11 – 15:51शुभ
रोग15:51 – 17:32टालें
उद्वेग17:32 – 19:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:13 – 20:32शुभ
अमृत20:32 – 21:51शुभ
चर21:51 – 23:11सामान्य
रोग23:11 – 00:30टालें
काल00:30 – 01:50टालें
लाभ01:50 – 03:09शुभ
उद्वेग03:09 – 04:29टालें
शुभ04:29 – 05:48शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4706:54दिन
शुक्र06:5408:02दिन
बुध08:0209:09दिन
चंद्र09:0910:16दिन
शनि10:1611:23दिन
गुरु11:2312:30दिन
मंगल12:3013:37दिन
सूर्य13:3714:44दिन
शुक्र14:4415:51दिन
बुध15:5116:58दिन
चंद्र16:5818:05दिन
शनि18:0519:13दिन
गुरु19:1320:06रात
मंगल20:0620:58रात
सूर्य20:5821:51रात
शुक्र21:5122:44रात
बुध22:4423:37रात
चंद्र23:3700:30रात
शनि00:3001:23रात
गुरु01:2302:16रात
मंगल02:1603:09रात
सूर्य03:0904:02रात
शुक्र04:0204:55रात
बुध04:5505:48रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 फ़र॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
13 फ़र॰ 2026कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
15 फ़र॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 फ़र॰ 2026फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
21 फ़र॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
27 फ़र॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
7 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां पर्थ में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2217° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।