1 फ़रवरी 2028 को रांची का पंचांग

मंगलवार, 1 फ़रवरी 2028, रांची, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 1 फ़रवरी 2028 को रांची में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (09:28 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (07:42 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 17:35 पर है। राहुकाल 14:48 से 16:12 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 17:35
रात 06:28 तक
तिथि
पंचमी, 09:28 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 09:28 तक
शुक्ल षष्ठी 11:13, 2 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रेवती 09:58, 2 फ़र॰ तक
योग
सिद्ध 18:24 तक
साध्य 18:29, 2 फ़र॰ तक
करण
बालव 09:28 तक
कौलव 22:24 तक
तैतिल 11:13, 2 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
17:35
चंद्रोदय
09:25
चंद्रास्त
22:23
दिनमान
11h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:37
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
14:48 – 16:12
यमगंड
09:15 – 10:39
गुलिक काल
12:02 – 13:25

1 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:29 – 07:52टालें
उद्वेग07:52 – 09:15टालें
चर09:15 – 10:39सामान्य
लाभ10:39 – 12:02शुभ
अमृत12:02 – 13:25शुभ
काल13:25 – 14:48टालें
शुभ14:48 – 16:12शुभ
रोग16:12 – 17:35टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:35 – 19:12टालें
लाभ19:12 – 20:48शुभ
उद्वेग20:48 – 22:25टालें
शुभ22:25 – 00:02शुभ
अमृत00:02 – 01:38शुभ
चर01:38 – 03:15सामान्य
रोग03:15 – 04:52टालें
काल04:52 – 06:28टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2907:24दिन
सूर्य07:2408:20दिन
शुक्र08:2009:15दिन
बुध09:1510:11दिन
चंद्र10:1111:06दिन
शनि11:0612:02दिन
गुरु12:0212:57दिन
मंगल12:5713:53दिन
सूर्य13:5314:48दिन
शुक्र14:4815:44दिन
बुध15:4416:39दिन
चंद्र16:3917:35दिन
शनि17:3518:39रात
गुरु18:3919:44रात
मंगल19:4420:48रात
सूर्य20:4821:53रात
शुक्र21:5322:57रात
बुध22:5700:02रात
चंद्र00:0201:06रात
शनि01:0602:11रात
गुरु02:1103:15रात
मंगल03:1504:19रात
सूर्य04:1905:24रात
शुक्र05:2406:28रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2028कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
14 फ़र॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
17 फ़र॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 फ़र॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 फ़र॰ 2028फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
29 फ़र॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां रांची में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2494° (लाहिड़ी)। समय रांची (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।