9 जनवरी 2027 को ऋषिकेश का पंचांग

शनिवार, 9 जनवरी 2027, ऋषिकेश, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 9 जनवरी 2027 को ऋषिकेश में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (07:07, 10 जन॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (12:16 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 17:33 पर है। राहुकाल 09:48 से 11:06 तक है।

दिन और रात
दिन 07:14 – 17:33
रात 07:14 तक
तिथि
द्वितीया, 07:07 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 12:16 तक
श्रवण
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 07:07, 10 जन॰ तक
शुक्ल तृतीया 09:28, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 15:12, 10 जन॰ तक
योग
हर्षण 16:15 तक
वज्रअशुभ 17:02, 10 जन॰ तक
करण
बालव 17:52 तक
कौलव 07:07, 10 जन॰ तक
तैतिल 20:20, 10 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
17:33
चंद्रोदय
08:15
चंद्रास्त
18:54
दिनमान
10h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:24 – 06:19
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
09:48 – 11:06
यमगंड
13:41 – 14:58
गुलिक काल
07:14 – 08:31

9 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:14 – 08:31टालें
शुभ08:31 – 09:48शुभ
रोग09:48 – 11:06टालें
उद्वेग11:06 – 12:23टालें
चर12:23 – 13:41सामान्य
लाभ13:41 – 14:58शुभ
अमृत14:58 – 16:16शुभ
काल16:16 – 17:33टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:33 – 19:16शुभ
उद्वेग19:16 – 20:58टालें
शुभ20:58 – 22:41शुभ
अमृत22:41 – 00:23शुभ
चर00:23 – 02:06सामान्य
रोग02:06 – 03:48टालें
काल03:48 – 05:31टालें
लाभ05:31 – 07:14शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1408:05दिन
गुरु08:0508:57दिन
मंगल08:5709:48दिन
सूर्य09:4810:40दिन
शुक्र10:4011:32दिन
बुध11:3212:23दिन
चंद्र12:2313:15दिन
शनि13:1514:07दिन
गुरु14:0714:58दिन
मंगल14:5815:50दिन
सूर्य15:5016:42दिन
शुक्र16:4217:33दिन
बुध17:3318:42रात
चंद्र18:4219:50रात
शनि19:5020:58रात
गुरु20:5822:07रात
मंगल22:0723:15रात
सूर्य23:1500:23रात
शुक्र00:2301:32रात
बुध01:3202:40रात
चंद्र02:4003:48रात
शनि03:4804:57रात
गुरु04:5706:05रात
मंगल06:0507:14रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
12 जन॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या

तिथियां ऋषिकेश में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2345° (लाहिड़ी)। समय ऋषिकेश (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।