23 दिसंबर 2024 को रियाद का पंचांग

सोमवार, 23 दिसंबर 2024, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

सोमवार, 23 दिसंबर 2024 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (14:38 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (06:39 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 17:10 पर है। राहुकाल 07:53 से 09:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:34 – 17:10
रात 06:34 तक
तिथि
अष्टमी, 14:38 तक
नवमी
नक्षत्र
हस्त
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 14:38 तक
कृष्ण नवमी 17:22, 24 दिस॰ तक
नक्षत्र
हस्त 09:47, 24 दिस॰ तक
योग
सौभाग्य 17:24 तक
शोभन 18:23, 24 दिस॰ तक
करण
कौलव 14:38 तक
तैतिल 04:00, 24 दिस॰ तक
गर 17:22, 24 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
12:01
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
11:31 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
07:53 – 09:13
यमगंड
10:32 – 11:52
गुलिक काल
13:11 – 14:31

23 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:34 – 07:53शुभ
काल07:53 – 09:13टालें
शुभ09:13 – 10:32शुभ
रोग10:32 – 11:52टालें
उद्वेग11:52 – 13:11टालें
चर13:11 – 14:31सामान्य
लाभ14:31 – 15:51शुभ
अमृत15:51 – 17:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:10 – 18:51सामान्य
रोग18:51 – 20:31टालें
काल20:31 – 22:12टालें
लाभ22:12 – 23:52शुभ
उद्वेग23:52 – 01:33टालें
शुभ01:33 – 03:13शुभ
अमृत03:13 – 04:54शुभ
चर04:54 – 06:34सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3407:27दिन
शनि07:2708:20दिन
गुरु08:2009:13दिन
मंगल09:1310:06दिन
सूर्य10:0610:59दिन
शुक्र10:5911:52दिन
बुध11:5212:45दिन
चंद्र12:4513:38दिन
शनि13:3814:31दिन
गुरु14:3115:24दिन
मंगल15:2416:17दिन
सूर्य16:1717:10दिन
शुक्र17:1018:17रात
बुध18:1719:24रात
चंद्र19:2420:31रात
शनि20:3121:38रात
गुरु21:3822:45रात
मंगल22:4523:52रात
सूर्य23:5200:59रात
शुक्र00:5902:06रात
बुध02:0603:13रात
चंद्र03:1304:20रात
शनि04:2005:27रात
गुरु05:2706:34रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
23 दिस॰ 2024कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
26 दिस॰ 2024कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
28 दिस॰ 2024प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
30 दिस॰ 2024पौष अमावस्याअमावस्या
3 जन॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 जन॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 जन॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 जन॰ 2025पौष पूर्णिमापूर्णिमा
14 जन॰ 2025मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
17 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2060° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।