30 दिसंबर 2024 को रियाद का पंचांग

सोमवार, 30 दिसंबर 2024, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

सोमवार, 30 दिसंबर 2024 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (01:26, 31 दिस॰ तक), नक्षत्र मूल (21:27 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 17:14 पर है। राहुकाल 07:56 से 09:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 17:14
रात 06:37 तक
तिथि
अमावस्या, 01:26 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मूल, 21:27 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
अमावस्या 01:26, 31 दिस॰ तक
शुक्ल प्रतिपदा 00:52, 1 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 21:27 तक
पूर्वाषाढ़ा 21:33, 31 दिस॰ तक
योग
वृद्धि 18:02 तक
ध्रुव 16:29, 31 दिस॰ तक
करण
चतुष्पद 13:33 तक
नाग 01:26, 31 दिस॰ तक
किंस्तुघ्न 13:12, 31 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
17:14
चंद्रोदय
06:11
चंद्रास्त
16:39
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
07:56 – 09:16
यमगंड
10:36 – 11:55
गुलिक काल
13:15 – 14:35

30 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:36 – 07:56शुभ
काल07:56 – 09:16टालें
शुभ09:16 – 10:36शुभ
रोग10:36 – 11:55टालें
उद्वेग11:55 – 13:15टालें
चर13:15 – 14:35सामान्य
लाभ14:35 – 15:54शुभ
अमृत15:54 – 17:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:14 – 18:55सामान्य
रोग18:55 – 20:35टालें
काल20:35 – 22:15टालें
लाभ22:15 – 23:55शुभ
उद्वेग23:55 – 01:36टालें
शुभ01:36 – 03:16शुभ
अमृत03:16 – 04:56शुभ
चर04:56 – 06:37सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3607:30दिन
शनि07:3008:23दिन
गुरु08:2309:16दिन
मंगल09:1610:09दिन
सूर्य10:0911:02दिन
शुक्र11:0211:55दिन
बुध11:5512:48दिन
चंद्र12:4813:42दिन
शनि13:4214:35दिन
गुरु14:3515:28दिन
मंगल15:2816:21दिन
सूर्य16:2117:14दिन
शुक्र17:1418:21रात
बुध18:2119:28रात
चंद्र19:2820:35रात
शनि20:3521:42रात
गुरु21:4222:49रात
मंगल22:4923:55रात
सूर्य23:5501:02रात
शुक्र01:0202:09रात
बुध02:0903:16रात
चंद्र03:1604:23रात
शनि04:2305:30रात
गुरु05:3006:37रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 दिस॰ 2024पौष अमावस्याअमावस्या
3 जन॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 जन॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 जन॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 जन॰ 2025पौष पूर्णिमापूर्णिमा
14 जन॰ 2025मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
17 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2062° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।