9 मार्च 2025 को रियाद का पंचांग

रविवार, 9 मार्च 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

रविवार, 9 मार्च 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (05:15, 10 मार्च तक), नक्षत्र पुनर्वसु (21:25 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 16:30 से 17:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 17:59
रात 06:07 तक
तिथि
एकादशी, 05:15 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु, 21:25 तक
पुष्य
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 मार्च 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 05:15, 10 मार्च तक
शुक्ल द्वादशी 05:44, 11 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 22:21, 10 मार्च तक
योग
सौभाग्य 12:28 तक
शोभन 11:26, 10 मार्च तक
करण
वणिज 17:11 तक
विष्टि (भद्रा) 05:15, 10 मार्च तक
बव 17:26, 10 मार्च तक
चंद्र राशि
मिथुन 15:15 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
13:36
चंद्रास्त
02:58
दिनमान
11h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:19
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
16:30 – 17:59
यमगंड
12:03 – 13:32
गुलिक काल
15:01 – 16:30

9 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:08 – 07:37टालें
चर07:37 – 09:05सामान्य
लाभ09:05 – 10:34शुभ
अमृत10:34 – 12:03शुभ
काल12:03 – 13:32टालें
शुभ13:32 – 15:01शुभ
रोग15:01 – 16:30टालें
उद्वेग16:30 – 17:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:59 – 19:30शुभ
अमृत19:30 – 21:01शुभ
चर21:01 – 22:32सामान्य
रोग22:32 – 00:03टालें
काल00:03 – 01:34टालें
लाभ01:34 – 03:05शुभ
उद्वेग03:05 – 04:36टालें
शुभ04:36 – 06:07शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0807:07दिन
शुक्र07:0708:06दिन
बुध08:0609:05दिन
चंद्र09:0510:05दिन
शनि10:0511:04दिन
गुरु11:0412:03दिन
मंगल12:0313:03दिन
सूर्य13:0314:02दिन
शुक्र14:0215:01दिन
बुध15:0116:00दिन
चंद्र16:0017:00दिन
शनि17:0017:59दिन
गुरु17:5919:00रात
मंगल19:0020:00रात
सूर्य20:0021:01रात
शुक्र21:0122:01रात
बुध22:0123:02रात
चंद्र23:0200:03रात
शनि00:0301:03रात
गुरु01:0302:04रात
मंगल02:0403:05रात
सूर्य03:0504:05रात
शुक्र04:0505:06रात
बुध05:0606:07रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 मार्च 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 मार्च 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
14 मार्च 2025फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
14 मार्च 2025मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 मार्च 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 मार्च 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 मार्च 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 मार्च 2025चैत्र अमावस्याअमावस्या
1 अप्रैल 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2089° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।