23 अगस्त 2025 को रियाद का पंचांग

शनिवार, 23 अगस्त 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

शनिवार, 23 अगस्त 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (09:06 तक), नक्षत्र मघा (22:25 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:30 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है। राहुकाल 08:43 से 10:19 तक है।

दिन और रात
दिन 05:30 – 18:20
रात 05:31 तक
तिथि
अमावस्या, 09:06 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मघा, 22:25 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 अगस्त 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
अमावस्या 09:06 तक
शुक्ल प्रतिपदा 09:18, 24 अग॰ तक
नक्षत्र
मघा 22:25 तक
योग
परिघअशुभ 10:49 तक
शिव 09:59, 24 अग॰ तक
करण
नाग 09:06 तक
किंस्तुघ्न 21:08 तक
बव 09:18, 24 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:30
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
05:26
चंद्रास्त
18:34
दिनमान
12h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:29 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
08:43 – 10:19
यमगंड
13:31 – 15:07
गुलिक काल
05:30 – 07:06

23 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:30 – 07:06टालें
शुभ07:06 – 08:43शुभ
रोग08:43 – 10:19टालें
उद्वेग10:19 – 11:55टालें
चर11:55 – 13:31सामान्य
लाभ13:31 – 15:07शुभ
अमृत15:07 – 16:44शुभ
काल16:44 – 18:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:20 – 19:44शुभ
उद्वेग19:44 – 21:08टालें
शुभ21:08 – 22:31शुभ
अमृत22:31 – 23:55शुभ
चर23:55 – 01:19सामान्य
रोग01:19 – 02:43टालें
काल02:43 – 04:07टालें
लाभ04:07 – 05:31शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3006:34दिन
गुरु06:3407:39दिन
मंगल07:3908:43दिन
सूर्य08:4309:47दिन
शुक्र09:4710:51दिन
बुध10:5111:55दिन
चंद्र11:5512:59दिन
शनि12:5914:03दिन
गुरु14:0315:07दिन
मंगल15:0716:12दिन
सूर्य16:1217:16दिन
शुक्र17:1618:20दिन
बुध18:2019:16रात
चंद्र19:1620:12रात
शनि20:1221:08रात
गुरु21:0822:03रात
मंगल22:0322:59रात
सूर्य22:5923:55रात
शुक्र23:5500:51रात
बुध00:5101:47रात
चंद्र01:4702:43रात
शनि02:4303:39रात
गुरु03:3904:35रात
मंगल04:3505:31रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
23 अग॰ 2025भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
27 अग॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
3 सित॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
5 सित॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
7 सित॰ 2025भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
11 सित॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 सित॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 सित॰ 2025कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
17 सित॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
19 सित॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 सित॰ 2025आश्विन अमावस्याअमावस्या

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2153° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।