23 दिसंबर 2025 को रियाद का पंचांग

मंगलवार, 23 दिसंबर 2025, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

मंगलवार, 23 दिसंबर 2025 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (09:43 तक), नक्षत्र श्रवण (04:37, 24 दिस॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 17:10 पर है। राहुकाल 14:31 से 15:50 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 17:10
रात 06:34 तक
तिथि
तृतीया, 09:43 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
श्रवण, 04:37 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 09:43 तक
शुक्ल चतुर्थी 10:41, 24 दिस॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 04:37, 24 दिस॰ तक
धनिष्ठा 05:48, 25 दिस॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 14:00 तक
हर्षण 13:32, 24 दिस॰ तक
करण
गर 09:43 तक
वणिज 22:15 तक
विष्टि (भद्रा) 10:41, 24 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
09:08
चंद्रास्त
20:11
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
11:31 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
14:31 – 15:50
यमगंड
09:13 – 10:32
गुलिक काल
11:52 – 13:11

23 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:33 – 07:53टालें
उद्वेग07:53 – 09:13टालें
चर09:13 – 10:32सामान्य
लाभ10:32 – 11:52शुभ
अमृत11:52 – 13:11शुभ
काल13:11 – 14:31टालें
शुभ14:31 – 15:50शुभ
रोग15:50 – 17:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:10 – 18:50टालें
लाभ18:50 – 20:31शुभ
उद्वेग20:31 – 22:11टालें
शुभ22:11 – 23:52शुभ
अमृत23:52 – 01:32शुभ
चर01:32 – 03:13सामान्य
रोग03:13 – 04:53टालें
काल04:53 – 06:34टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3307:27दिन
सूर्य07:2708:20दिन
शुक्र08:2009:13दिन
बुध09:1310:06दिन
चंद्र10:0610:59दिन
शनि10:5911:52दिन
गुरु11:5212:45दिन
मंगल12:4513:38दिन
सूर्य13:3814:31दिन
शुक्र14:3115:24दिन
बुध15:2416:17दिन
चंद्र16:1717:10दिन
शनि17:1018:17रात
गुरु18:1719:24रात
मंगल19:2420:31रात
सूर्य20:3121:38रात
शुक्र21:3822:45रात
बुध22:4523:52रात
चंद्र23:5200:59रात
शनि00:5902:06रात
गुरु02:0603:13रात
मंगल03:1304:20रात
सूर्य04:2005:27रात
शुक्र05:2706:34रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
24 दिस॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
30 दिस॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 जन॰ 2026पौष पूर्णिमापूर्णिमा
6 जन॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 जन॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2199° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।