9 जनवरी 2026 को रियाद का पंचांग

शुक्रवार, 9 जनवरी 2026, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (05:54, 10 जन॰ तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (11:10 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 17:21 पर है। राहुकाल 10:39 से 12:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:39 – 17:21
रात 06:39 तक
तिथि
सप्तमी, 05:54 तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 11:10 तक
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 05:54, 10 जन॰ तक
कृष्ण अष्टमी 07:50, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 13:09, 10 जन॰ तक
योग
शोभन 14:25 तक
अतिगंडअशुभ 14:28, 10 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:09 तक
बव 05:54, 10 जन॰ तक
बालव 18:48, 10 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:39
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
23:22
चंद्रास्त
10:42
दिनमान
10h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
10:39 – 12:00
यमगंड
14:40 – 16:01
गुलिक काल
07:59 – 09:19

9 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:39 – 07:59सामान्य
लाभ07:59 – 09:19शुभ
अमृत09:19 – 10:39शुभ
काल10:39 – 12:00टालें
शुभ12:00 – 13:20शुभ
रोग13:20 – 14:40टालें
उद्वेग14:40 – 16:01टालें
चर16:01 – 17:21सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:21 – 19:01टालें
काल19:01 – 20:40टालें
लाभ20:40 – 22:20शुभ
उद्वेग22:20 – 00:00टालें
शुभ00:00 – 01:40शुभ
अमृत01:40 – 03:19शुभ
चर03:19 – 04:59सामान्य
रोग04:59 – 06:39टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3907:32दिन
बुध07:3208:26दिन
चंद्र08:2609:19दिन
शनि09:1910:13दिन
गुरु10:1311:06दिन
मंगल11:0612:00दिन
सूर्य12:0012:53दिन
शुक्र12:5313:47दिन
बुध13:4714:40दिन
चंद्र14:4015:34दिन
शनि15:3416:27दिन
गुरु16:2717:21दिन
मंगल17:2118:27रात
सूर्य18:2719:34रात
शुक्र19:3420:40रात
बुध20:4021:47रात
चंद्र21:4722:53रात
शनि22:5300:00रात
गुरु00:0001:06रात
मंगल01:0602:13रात
सूर्य02:1303:19रात
शुक्र03:1904:26रात
बुध04:2605:32रात
चंद्र05:3206:39रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 जन॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
29 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2206° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।