5 फ़रवरी 2026 को रियाद का पंचांग

गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (21:52 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (20:27 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 13:30 से 14:54 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 17:41
रात 06:32 तक
तिथि
चतुर्थी, 21:52 तक
पंचमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 20:27 तक
हस्त
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 21:52 तक
कृष्ण पंचमी 22:49, 6 फ़र॰ तक
नक्षत्र
हस्त 21:54, 6 फ़र॰ तक
योग
सुकर्मा 21:34 तक
धृति 21:07, 6 फ़र॰ तक
करण
बव 09:40 तक
बालव 21:52 तक
कौलव 10:15, 6 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
21:10
चंद्रास्त
08:39
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
13:30 – 14:54
यमगंड
06:33 – 07:56
गुलिक काल
09:20 – 10:43

5 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:33 – 07:56शुभ
रोग07:56 – 09:20टालें
उद्वेग09:20 – 10:43टालें
चर10:43 – 12:07सामान्य
लाभ12:07 – 13:30शुभ
अमृत13:30 – 14:54शुभ
काल14:54 – 16:17टालें
शुभ16:17 – 17:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:41 – 19:17शुभ
चर19:17 – 20:53सामान्य
रोग20:53 – 22:30टालें
काल22:30 – 00:06टालें
लाभ00:06 – 01:43शुभ
उद्वेग01:43 – 03:19टालें
शुभ03:19 – 04:56शुभ
अमृत04:56 – 06:32शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3307:29दिन
मंगल07:2908:24दिन
सूर्य08:2409:20दिन
शुक्र09:2010:15दिन
बुध10:1511:11दिन
चंद्र11:1112:07दिन
शनि12:0713:02दिन
गुरु13:0213:58दिन
मंगल13:5814:54दिन
सूर्य14:5415:49दिन
शुक्र15:4916:45दिन
बुध16:4517:41दिन
चंद्र17:4118:45रात
शनि18:4519:49रात
गुरु19:4920:53रात
मंगल20:5321:58रात
सूर्य21:5823:02रात
शुक्र23:0200:06रात
बुध00:0601:11रात
चंद्र01:1102:15रात
शनि02:1503:19रात
गुरु03:1904:24रात
मंगल04:2405:28रात
सूर्य05:2806:32रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 फ़र॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
13 फ़र॰ 2026कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
15 फ़र॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 फ़र॰ 2026फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
21 फ़र॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
27 फ़र॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2216° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।