28 नवंबर 2026 को रियाद का पंचांग

शनिवार, 28 नवंबर 2026, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

शनिवार, 28 नवंबर 2026 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (01:27, 29 नव॰ तक), नक्षत्र पुनर्वसु (10:20 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 17:03 पर है। राहुकाल 08:59 से 10:20 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 17:03
रात 06:18 तक
तिथि
पंचमी, 01:27 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 10:20 तक
पुष्य
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 01:27, 29 नव॰ तक
कृष्ण षष्ठी 23:17, 29 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 08:29, 29 नव॰ तक
योग
शुक्ल 17:48 तक
ब्रह्म 14:38, 29 नव॰ तक
करण
कौलव 14:45 तक
तैतिल 01:27, 29 नव॰ तक
गर 12:18, 29 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
17:03
चंद्रोदय
21:10
चंद्रास्त
10:08
दिनमान
10h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:02

अशुभ समय

राहुकाल
08:59 – 10:20
यमगंड
13:01 – 14:22
गुलिक काल
06:18 – 07:38

28 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:18 – 07:38टालें
शुभ07:38 – 08:59शुभ
रोग08:59 – 10:20टालें
उद्वेग10:20 – 11:40टालें
चर11:40 – 13:01सामान्य
लाभ13:01 – 14:22शुभ
अमृत14:22 – 15:42शुभ
काल15:42 – 17:03टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:03 – 18:43शुभ
उद्वेग18:43 – 20:22टालें
शुभ20:22 – 22:01शुभ
अमृत22:01 – 23:41शुभ
चर23:41 – 01:20सामान्य
रोग01:20 – 03:00टालें
काल03:00 – 04:39टालें
लाभ04:39 – 06:18शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1807:11दिन
गुरु07:1108:05दिन
मंगल08:0508:59दिन
सूर्य08:5909:53दिन
शुक्र09:5310:47दिन
बुध10:4711:40दिन
चंद्र11:4012:34दिन
शनि12:3413:28दिन
गुरु13:2814:22दिन
मंगल14:2215:16दिन
सूर्य15:1616:09दिन
शुक्र16:0917:03दिन
बुध17:0318:09रात
चंद्र18:0919:16रात
शनि19:1620:22रात
गुरु20:2221:28रात
मंगल21:2822:34रात
सूर्य22:3423:41रात
शुक्र23:4100:47रात
बुध00:4701:53रात
चंद्र01:5303:00रात
शनि03:0004:06रात
गुरु04:0605:12रात
मंगल05:1206:18रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
13 दिस॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 दिस॰ 2026धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
20 दिस॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
23 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा
27 दिस॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2329° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।