3 दिसंबर 2026 को रियाद का पंचांग

गुरुवार, 3 दिसंबर 2026, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

गुरुवार, 3 दिसंबर 2026 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (20:34 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (06:53 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 17:03 पर है। राहुकाल 13:03 से 14:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 17:03
रात 06:22 तक
तिथि
दशमी, 20:34 तक
एकादशी
नक्षत्र
हस्त
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 20:34 तक
कृष्ण एकादशी 21:15, 4 दिस॰ तक
नक्षत्र
हस्त 07:53, 4 दिस॰ तक
योग
प्रीति 06:45 तक
आयुष्मान 05:53, 4 दिस॰ तक
सौभाग्य 05:23, 5 दिस॰ तक
करण
वणिज 08:24 तक
विष्टि (भद्रा) 20:34 तक
बव 08:51, 4 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
17:03
चंद्रोदय
01:11
चंद्रास्त
13:14
दिनमान
10h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
11:21 – 12:04

अशुभ समय

राहुकाल
13:03 – 14:23
यमगंड
06:21 – 07:41
गुलिक काल
09:02 – 10:22

3 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:21 – 07:41शुभ
रोग07:41 – 09:02टालें
उद्वेग09:02 – 10:22टालें
चर10:22 – 11:42सामान्य
लाभ11:42 – 13:03शुभ
अमृत13:03 – 14:23शुभ
काल14:23 – 15:43टालें
शुभ15:43 – 17:03शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:03 – 18:43शुभ
चर18:43 – 20:23सामान्य
रोग20:23 – 22:03टालें
काल22:03 – 23:43टालें
लाभ23:43 – 01:22शुभ
उद्वेग01:22 – 03:02टालें
शुभ03:02 – 04:42शुभ
अमृत04:42 – 06:22शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2107:15दिन
मंगल07:1508:08दिन
सूर्य08:0809:02दिन
शुक्र09:0209:55दिन
बुध09:5510:49दिन
चंद्र10:4911:42दिन
शनि11:4212:36दिन
गुरु12:3613:29दिन
मंगल13:2914:23दिन
सूर्य14:2315:16दिन
शुक्र15:1616:10दिन
बुध16:1017:03दिन
चंद्र17:0318:10रात
शनि18:1019:16रात
गुरु19:1620:23रात
मंगल20:2321:30रात
सूर्य21:3022:36रात
शुक्र22:3623:43रात
बुध23:4300:49रात
चंद्र00:4901:56रात
शनि01:5603:02रात
गुरु03:0204:09रात
मंगल04:0905:15रात
सूर्य05:1506:22रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
13 दिस॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 दिस॰ 2026धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
20 दिस॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
23 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा
27 दिस॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
31 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2331° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।