31 दिसंबर 2027 को रियाद का पंचांग

शुक्रवार, 31 दिसंबर 2027, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

शुक्रवार, 31 दिसंबर 2027 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (08:25, 1 जन॰ तक), नक्षत्र श्रवण (10:36 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 17:14 पर है। राहुकाल 10:36 से 11:55 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 17:14
रात 06:37 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
श्रवण, 10:36 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 08:25, 1 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 10:36 तक
धनिष्ठा 13:45, 1 जन॰ तक
योग
हर्षण 07:14 तक
वज्रअशुभ 08:13, 1 जन॰ तक
करण
वणिज 19:03 तक
विष्टि (भद्रा) 08:25, 1 जन॰ तक
चंद्र राशि
मकर 00:10, 1 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
17:14
चंद्रोदय
08:58
चंद्रास्त
20:26
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
10:36 – 11:55
यमगंड
14:35 – 15:55
गुलिक काल
07:56 – 09:16

31 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:37 – 07:56सामान्य
लाभ07:56 – 09:16शुभ
अमृत09:16 – 10:36शुभ
काल10:36 – 11:55टालें
शुभ11:55 – 13:15शुभ
रोग13:15 – 14:35टालें
उद्वेग14:35 – 15:55टालें
चर15:55 – 17:14सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:14 – 18:55टालें
काल18:55 – 20:35टालें
लाभ20:35 – 22:15शुभ
उद्वेग22:15 – 23:56टालें
शुभ23:56 – 01:36शुभ
अमृत01:36 – 03:16शुभ
चर03:16 – 04:57सामान्य
रोग04:57 – 06:37टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3707:30दिन
बुध07:3008:23दिन
चंद्र08:2309:16दिन
शनि09:1610:09दिन
गुरु10:0911:02दिन
मंगल11:0211:55दिन
सूर्य11:5512:49दिन
शुक्र12:4913:42दिन
बुध13:4214:35दिन
चंद्र14:3515:28दिन
शनि15:2816:21दिन
गुरु16:2117:14दिन
मंगल17:1418:21रात
सूर्य18:2119:28रात
शुक्र19:2820:35रात
बुध20:3521:42रात
चंद्र21:4222:49रात
शनि22:4923:56रात
गुरु23:5601:02रात
मंगल01:0202:09रात
सूर्य02:0903:16रात
शुक्र03:1604:23रात
बुध04:2305:30रात
चंद्र05:3006:37रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
31 दिस॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 जन॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
22 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
24 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2482° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।