8 अप्रैल 2028 को रियाद का पंचांग

शनिवार, 8 अप्रैल 2028, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

शनिवार, 8 अप्रैल 2028 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (16:41 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (11:53 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:37 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 08:46 से 10:20 तक है।

दिन और रात
दिन 05:37 – 18:12
रात 05:36 तक
तिथि
चतुर्दशी, 16:41 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 11:53 तक
हस्त
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 16:41 तक
पूर्णिमा 13:26, 9 अप्रैल तक
नक्षत्र
हस्त 09:22, 9 अप्रैल तक
योग
ध्रुव 19:44 तक
व्याघातअशुभ 15:57, 9 अप्रैल तक
करण
गर 06:22 तक
वणिज 16:41 तक
विष्टि (भद्रा) 03:02, 9 अप्रैल तक
बव 13:26, 9 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
17:18
चंद्रास्त
04:29
दिनमान
12h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:51
अभिजीत मुहूर्त
11:29 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
08:46 – 10:20
यमगंड
13:29 – 15:03
गुलिक काल
05:37 – 07:11

8 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:37 – 07:11टालें
शुभ07:11 – 08:46शुभ
रोग08:46 – 10:20टालें
उद्वेग10:20 – 11:55टालें
चर11:55 – 13:29सामान्य
लाभ13:29 – 15:03शुभ
अमृत15:03 – 16:38शुभ
काल16:38 – 18:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:12 – 19:37शुभ
उद्वेग19:37 – 21:03टालें
शुभ21:03 – 22:29शुभ
अमृत22:29 – 23:54शुभ
चर23:54 – 01:20सामान्य
रोग01:20 – 02:45टालें
काल02:45 – 04:11टालें
लाभ04:11 – 05:36शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3706:40दिन
गुरु06:4007:43दिन
मंगल07:4308:46दिन
सूर्य08:4609:49दिन
शुक्र09:4910:52दिन
बुध10:5211:55दिन
चंद्र11:5512:57दिन
शनि12:5714:00दिन
गुरु14:0015:03दिन
मंगल15:0316:06दिन
सूर्य16:0617:09दिन
शुक्र17:0918:12दिन
बुध18:1219:09रात
चंद्र19:0920:06रात
शनि20:0621:03रात
गुरु21:0322:00रात
मंगल22:0022:57रात
सूर्य22:5723:54रात
शुक्र23:5400:51रात
बुध00:5101:48रात
चंद्र01:4802:45रात
शनि02:4503:42रात
गुरु03:4204:39रात
मंगल04:3905:36रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 अप्रैल 2028चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
12 अप्रैल 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अप्रैल 2028मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
17 अप्रैल 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 अप्रैल 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
24 अप्रैल 2028वैशाख अमावस्याअमावस्या
28 अप्रैल 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
5 मई 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
6 मई 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2519° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।