14 जनवरी 2029 को रियाद का पंचांग

रविवार, 14 जनवरी 2029, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

रविवार, 14 जनवरी 2029 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (20:24 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (13:07 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है। राहुकाल 16:04 से 17:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:39 – 17:25
रात 06:39 तक
तिथि
अमावस्या, 20:24 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 13:07 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जनवरी 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
अमावस्या 20:24 तक
शुक्ल प्रतिपदा 21:00, 15 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 14:08, 15 जन॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 06:57 तक
हर्षण 06:00, 15 जन॰ तक
वज्रअशुभ 05:26, 16 जन॰ तक
करण
चतुष्पद 08:17 तक
नाग 20:24 तक
किंस्तुघ्न 08:38, 15 जन॰ तक
चंद्र राशि
धनु 19:20 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:39
सूर्यास्त
17:25
चंद्रोदय
06:15
चंद्रास्त
17:14
दिनमान
10h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:46
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
16:04 – 17:25
यमगंड
12:02 – 13:23
गुलिक काल
14:43 – 16:04

14 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:39 – 08:00टालें
चर08:00 – 09:20सामान्य
लाभ09:20 – 10:41शुभ
अमृत10:41 – 12:02शुभ
काल12:02 – 13:23टालें
शुभ13:23 – 14:43शुभ
रोग14:43 – 16:04टालें
उद्वेग16:04 – 17:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:25 – 19:04शुभ
अमृत19:04 – 20:43शुभ
चर20:43 – 22:23सामान्य
रोग22:23 – 00:02टालें
काल00:02 – 01:41टालें
लाभ01:41 – 03:20शुभ
उद्वेग03:20 – 05:00टालें
शुभ05:00 – 06:39शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3907:33दिन
शुक्र07:3308:27दिन
बुध08:2709:20दिन
चंद्र09:2010:14दिन
शनि10:1411:08दिन
गुरु11:0812:02दिन
मंगल12:0212:56दिन
सूर्य12:5613:49दिन
शुक्र13:4914:43दिन
बुध14:4315:37दिन
चंद्र15:3716:31दिन
शनि16:3117:25दिन
गुरु17:2518:31रात
मंगल18:3119:37रात
सूर्य19:3720:43रात
शुक्र20:4321:49रात
बुध21:4922:56रात
चंद्र22:5600:02रात
शनि00:0201:08रात
गुरु01:0802:14रात
मंगल02:1403:20रात
सूर्य03:2004:26रात
शुक्र04:2605:33रात
बुध05:3306:39रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
14 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
6 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2627° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।