7 मई 2029 को रियाद का पंचांग

सोमवार, 7 मई 2029, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

सोमवार, 7 मई 2029 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (05:10, 8 मई तक), नक्षत्र शतभिषा (22:07 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:13 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 06:52 से 08:31 तक है।

दिन और रात
दिन 05:13 – 18:25
रात 05:13 तक
तिथि
दशमी, 05:10 तक
नक्षत्र
शतभिषा, 22:07 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 मई 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण दशमी 05:10, 8 मई तक
कृष्ण एकादशी 07:32, 9 मई तक
नक्षत्र
शतभिषा 22:07 तक
योग
इंद्र 04:30, 8 मई तक
वैधृतिअशुभ 05:22, 9 मई तक
करण
वणिज 16:04 तक
विष्टि (भद्रा) 05:10, 8 मई तक
बव 18:20, 8 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:13
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
01:21
चंद्रास्त
13:22
दिनमान
13h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:30
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
06:52 – 08:31
यमगंड
10:10 – 11:49
गुलिक काल
13:28 – 15:07

7 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:13 – 06:52शुभ
काल06:52 – 08:31टालें
शुभ08:31 – 10:10शुभ
रोग10:10 – 11:49टालें
उद्वेग11:49 – 13:28टालें
चर13:28 – 15:07सामान्य
लाभ15:07 – 16:46शुभ
अमृत16:46 – 18:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:25 – 19:46सामान्य
रोग19:46 – 21:07टालें
काल21:07 – 22:28टालें
लाभ22:28 – 23:49शुभ
उद्वेग23:49 – 01:10टालें
शुभ01:10 – 02:31शुभ
अमृत02:31 – 03:52शुभ
चर03:52 – 05:13सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1306:19दिन
शनि06:1907:25दिन
गुरु07:2508:31दिन
मंगल08:3109:37दिन
सूर्य09:3710:43दिन
शुक्र10:4311:49दिन
बुध11:4912:55दिन
चंद्र12:5514:01दिन
शनि14:0115:07दिन
गुरु15:0716:13दिन
मंगल16:1317:19दिन
सूर्य17:1918:25दिन
शुक्र18:2519:19रात
बुध19:1920:13रात
चंद्र20:1321:07रात
शनि21:0722:01रात
गुरु22:0122:55रात
मंगल22:5523:49रात
सूर्य23:4900:43रात
शुक्र00:4301:37रात
बुध01:3702:31रात
चंद्र02:3103:25रात
शनि03:2504:19रात
गुरु04:1905:13रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 मई 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
11 मई 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 मई 2029वैशाख अमावस्याअमावस्या
14 मई 2029वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
17 मई 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
24 मई 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
25 मई 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
27 मई 2029वैशाख पूर्णिमापूर्णिमा
31 मई 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
4 जून 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2670° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।