11 मई 2029 को रियाद का पंचांग

शुक्रवार, 11 मई 2029, रियाद, Saudi Arabia। समय Asia/Riyadh में है।

शुक्रवार, 11 मई 2029 को रियाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (12:24 तक), नक्षत्र रेवती (06:57 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:11 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 10:10 से 11:49 तक है।

दिन और रात
दिन 05:11 – 18:27
रात 05:10 तक
तिथि
त्रयोदशी, 12:24 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
अश्विनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मई 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 12:24 तक
कृष्ण चतुर्दशी 14:40, 12 मई तक
नक्षत्र
रेवती 06:57 तक
अश्विनी 09:48, 12 मई तक
योग
प्रीति 07:17 तक
आयुष्मान 08:07, 12 मई तक
करण
वणिज 12:24 तक
विष्टि (भद्रा) 01:34, 12 मई तक
शकुनि 14:40, 12 मई तक
चंद्र राशि
मीन 06:57 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:11
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
03:28
चंद्रास्त
16:44
दिनमान
13h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:45 – 04:28
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
10:10 – 11:49
यमगंड
15:08 – 16:48
गुलिक काल
06:50 – 08:30

11 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:11 – 06:50सामान्य
लाभ06:50 – 08:30शुभ
अमृत08:30 – 10:10शुभ
काल10:10 – 11:49टालें
शुभ11:49 – 13:29शुभ
रोग13:29 – 15:08टालें
उद्वेग15:08 – 16:48टालें
चर16:48 – 18:27सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:27 – 19:48टालें
काल19:48 – 21:08टालें
लाभ21:08 – 22:28शुभ
उद्वेग22:28 – 23:49टालें
शुभ23:49 – 01:09शुभ
अमृत01:09 – 02:30शुभ
चर02:30 – 03:50सामान्य
रोग03:50 – 05:10टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1106:17दिन
बुध06:1707:24दिन
चंद्र07:2408:30दिन
शनि08:3009:36दिन
गुरु09:3610:43दिन
मंगल10:4311:49दिन
सूर्य11:4912:55दिन
शुक्र12:5514:02दिन
बुध14:0215:08दिन
चंद्र15:0816:15दिन
शनि16:1517:21दिन
गुरु17:2118:27दिन
मंगल18:2719:21रात
सूर्य19:2120:15रात
शुक्र20:1521:08रात
बुध21:0822:02रात
चंद्र22:0222:55रात
शनि22:5523:49रात
गुरु23:4900:42रात
मंगल00:4201:36रात
सूर्य01:3602:30रात
शुक्र02:3003:23रात
बुध03:2304:17रात
चंद्र04:1705:10रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 मई 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 मई 2029वैशाख अमावस्याअमावस्या
14 मई 2029वृषभ संक्रांतिसूर्य का वृषभ में प्रवेश
17 मई 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
24 मई 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
25 मई 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
27 मई 2029वैशाख पूर्णिमापूर्णिमा
31 मई 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
4 जून 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
7 जून 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
9 जून 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां रियाद में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2672° (लाहिड़ी)। समय रियाद (Asia/Riyadh) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।