30 दिसंबर 2024 को सिएटल का पंचांग

सोमवार, 30 दिसंबर 2024, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

सोमवार, 30 दिसंबर 2024 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (14:26 तक), नक्षत्र मूल (10:27 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:57 पर और सूर्यास्त 16:27 पर है। राहुकाल 09:01 से 10:04 तक है।

दिन और रात
दिन 07:57 – 16:27
रात 07:57 तक
तिथि
अमावस्या, 14:26 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मूल, 10:27 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
अमावस्या 14:26 तक
शुक्ल प्रतिपदा 13:52, 31 दिस॰ तक
नक्षत्र
मूल 10:27 तक
पूर्वाषाढ़ा 10:33, 31 दिस॰ तक
योग
ध्रुव 05:29, 31 दिस॰ तक
व्याघातअशुभ 03:36, 1 जन॰ तक
करण
नाग 14:26 तक
किंस्तुघ्न 02:12, 31 दिस॰ तक
बव 13:52, 31 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:57
सूर्यास्त
16:27
चंद्रोदय
08:25
चंद्रास्त
15:54
दिनमान
8h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:53 – 06:55
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
09:01 – 10:04
यमगंड
11:08 – 12:12
गुलिक काल
13:15 – 14:19

30 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:57 – 09:01शुभ
काल09:01 – 10:04टालें
शुभ10:04 – 11:08शुभ
रोग11:08 – 12:12टालें
उद्वेग12:12 – 13:15टालें
चर13:15 – 14:19सामान्य
लाभ14:19 – 15:23शुभ
अमृत15:23 – 16:27शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:27 – 18:23सामान्य
रोग18:23 – 20:19टालें
काल20:19 – 22:16टालें
लाभ22:16 – 00:12शुभ
उद्वेग00:12 – 02:08टालें
शुभ02:08 – 04:04शुभ
अमृत04:04 – 06:01शुभ
चर06:01 – 07:57सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:5708:39दिन
शनि08:3909:22दिन
गुरु09:2210:04दिन
मंगल10:0410:47दिन
सूर्य10:4711:29दिन
शुक्र11:2912:12दिन
बुध12:1212:54दिन
चंद्र12:5413:37दिन
शनि13:3714:19दिन
गुरु14:1915:02दिन
मंगल15:0215:44दिन
सूर्य15:4416:27दिन
शुक्र16:2717:44रात
बुध17:4419:02रात
चंद्र19:0220:19रात
शनि20:1921:37रात
गुरु21:3722:54रात
मंगल22:5400:12रात
सूर्य00:1201:29रात
शुक्र01:2902:47रात
बुध02:4704:04रात
चंद्र04:0405:22रात
शनि05:2206:40रात
गुरु06:4007:57रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 दिस॰ 2024पौष अमावस्याअमावस्या
3 जन॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
9 जन॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 जन॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 जन॰ 2025पौष पूर्णिमापूर्णिमा
13 जन॰ 2025मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
17 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
24 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
26 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
28 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2063° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।