13 मार्च 2025 को सिएटल का पंचांग

गुरुवार, 13 मार्च 2025, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

गुरुवार, 13 मार्च 2025 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (23:54 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (17:49 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 07:25 पर और सूर्यास्त 19:12 पर है। राहुकाल 14:47 से 16:15 तक है।

दिन और रात
दिन 07:25 – 19:12
रात 07:23 तक
तिथि
पूर्णिमा, 23:54 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 17:49 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 मार्च 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
पूर्णिमा 23:54 तक
कृष्ण प्रतिपदा 02:03, 15 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 20:24, 14 मार्च तक
योग
शूलअशुभ 00:53, 14 मार्च तक
गंडअशुभ 01:29, 15 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:57 तक
बव 23:54 तक
बालव 12:56, 14 मार्च तक
चंद्र राशि
सिंह 00:26, 14 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:25
सूर्यास्त
19:12
चंद्रोदय
18:54
चंद्रास्त
07:20
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:47 – 06:36
अभिजीत मुहूर्त
12:55 – 13:42

अशुभ समय

राहुकाल
14:47 – 16:15
यमगंड
07:25 – 08:53
गुलिक काल
10:22 – 11:50

13 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:25 – 08:53शुभ
रोग08:53 – 10:22टालें
उद्वेग10:22 – 11:50टालें
चर11:50 – 13:19सामान्य
लाभ13:19 – 14:47शुभ
अमृत14:47 – 16:15शुभ
काल16:15 – 17:44टालें
शुभ17:44 – 19:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:12 – 20:43शुभ
चर20:43 – 22:15सामान्य
रोग22:15 – 23:46टालें
काल23:46 – 01:18टालें
लाभ01:18 – 02:49शुभ
उद्वेग02:49 – 04:20टालें
शुभ04:20 – 05:52शुभ
अमृत05:52 – 07:23शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:2508:24दिन
मंगल08:2409:23दिन
सूर्य09:2310:22दिन
शुक्र10:2211:21दिन
बुध11:2112:20दिन
चंद्र12:2013:19दिन
शनि13:1914:17दिन
गुरु14:1715:16दिन
मंगल15:1616:15दिन
सूर्य16:1517:14दिन
शुक्र17:1418:13दिन
बुध18:1319:12दिन
चंद्र19:1220:13रात
शनि20:1321:14रात
गुरु21:1422:15रात
मंगल22:1523:16रात
सूर्य23:1600:17रात
शुक्र00:1701:18रात
बुध01:1802:18रात
चंद्र02:1803:19रात
शनि03:1904:20रात
गुरु04:2005:21रात
मंगल05:2106:22रात
सूर्य06:2207:23रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
13 मार्च 2025फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
14 मार्च 2025मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
17 मार्च 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 मार्च 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 मार्च 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 मार्च 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
28 मार्च 2025चैत्र अमावस्याअमावस्या
1 अप्रैल 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 अप्रैल 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 अप्रैल 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2090° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।