13 जनवरी 2027 को सिएटल का पंचांग

बुधवार, 13 जनवरी 2027, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

बुधवार, 13 जनवरी 2027 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (00:29, 14 जन॰ तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (08:34 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 07:54 पर और सूर्यास्त 16:42 पर है। राहुकाल 12:18 से 13:24 तक है।

दिन और रात
दिन 07:54 – 16:42
रात 07:53 तक
तिथि
षष्ठी, 00:29 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जनवरी 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 00:29, 14 जन॰ तक
शुक्ल सप्तमी 00:43, 15 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 09:49, 14 जन॰ तक
योग
परिघअशुभ 03:52, 14 जन॰ तक
शिव 02:48, 15 जन॰ तक
करण
कौलव 12:05 तक
तैतिल 00:29, 14 जन॰ तक
गर 12:42, 14 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:54
सूर्यास्त
16:42
चंद्रोदय
10:16
चंद्रास्त
23:12
दिनमान
8h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:52 – 06:53
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:35 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:18 – 13:24
यमगंड
09:00 – 10:06
गुलिक काल
11:12 – 12:18

13 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:54 – 09:00शुभ
अमृत09:00 – 10:06शुभ
काल10:06 – 11:12टालें
शुभ11:12 – 12:18शुभ
रोग12:18 – 13:24टालें
उद्वेग13:24 – 14:30टालें
चर14:30 – 15:36सामान्य
लाभ15:36 – 16:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:42 – 18:36टालें
शुभ18:36 – 20:30शुभ
अमृत20:30 – 22:24शुभ
चर22:24 – 00:17सामान्य
रोग00:17 – 02:11टालें
काल02:11 – 04:05टालें
लाभ04:05 – 05:59शुभ
उद्वेग05:59 – 07:53टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:5408:38दिन
चंद्र08:3809:22दिन
शनि09:2210:06दिन
गुरु10:0610:50दिन
मंगल10:5011:34दिन
सूर्य11:3412:18दिन
शुक्र12:1813:02दिन
बुध13:0213:46दिन
चंद्र13:4614:30दिन
शनि14:3015:14दिन
गुरु15:1415:58दिन
मंगल15:5816:42दिन
सूर्य16:4217:58रात
शुक्र17:5819:14रात
बुध19:1420:30रात
चंद्र20:3021:46रात
शनि21:4623:02रात
गुरु23:0200:17रात
मंगल00:1701:33रात
सूर्य01:3302:49रात
शुक्र02:4904:05रात
बुध04:0505:21रात
चंद्र05:2106:37रात
शनि06:3707:53रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या
10 फ़र॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2347° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।