28 सितंबर 2027 को सिएटल का पंचांग

मंगलवार, 28 सितंबर 2027, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

मंगलवार, 28 सितंबर 2027 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (22:25 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (17:36 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 07:04 पर और सूर्यास्त 18:54 पर है। राहुकाल 15:57 से 17:26 तक है।

दिन और रात
दिन 07:04 – 18:54
रात 07:05 तक
तिथि
चतुर्दशी, 22:25 तक
अमावस्या
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 17:36 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 सितंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 22:25 तक
अमावस्या 19:36, 29 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 15:30, 29 सित॰ तक
योग
शुभ 15:26 तक
शुक्ल 11:56, 29 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:54 तक
शकुनि 22:25 तक
चतुष्पद 08:59, 29 सित॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 23:04 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:04
सूर्यास्त
18:54
चंद्रोदय
05:19
चंद्रास्त
18:02
दिनमान
11h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:27 – 06:15
अभिजीत मुहूर्त
12:35 – 13:23

अशुभ समय

राहुकाल
15:57 – 17:26
यमगंड
10:01 – 11:30
गुलिक काल
12:59 – 14:28

28 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:04 – 08:33टालें
उद्वेग08:33 – 10:01टालें
चर10:01 – 11:30सामान्य
लाभ11:30 – 12:59शुभ
अमृत12:59 – 14:28शुभ
काल14:28 – 15:57टालें
शुभ15:57 – 17:26शुभ
रोग17:26 – 18:54टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:54 – 20:26टालें
लाभ20:26 – 21:57शुभ
उद्वेग21:57 – 23:28टालें
शुभ23:28 – 01:00शुभ
अमृत01:00 – 02:31शुभ
चर02:31 – 04:02सामान्य
रोग04:02 – 05:34टालें
काल05:34 – 07:05टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:0408:03दिन
सूर्य08:0309:02दिन
शुक्र09:0210:01दिन
बुध10:0111:01दिन
चंद्र11:0112:00दिन
शनि12:0012:59दिन
गुरु12:5913:58दिन
मंगल13:5814:57दिन
सूर्य14:5715:57दिन
शुक्र15:5716:56दिन
बुध16:5617:55दिन
चंद्र17:5518:54दिन
शनि18:5419:55रात
गुरु19:5520:56रात
मंगल20:5621:57रात
सूर्य21:5722:58रात
शुक्र22:5823:59रात
बुध23:5901:00रात
चंद्र01:0002:01रात
शनि02:0103:01रात
गुरु03:0104:02रात
मंगल04:0205:03रात
सूर्य05:0306:04रात
शुक्र06:0407:05रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
29 सित॰ 2027आश्विन अमावस्याअमावस्या
3 अक्टू॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 अक्टू॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
12 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
14 अक्टू॰ 2027आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
17 अक्टू॰ 2027तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 अक्टू॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 अक्टू॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2446° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।