6 नवंबर 2028 को सिएटल का पंचांग

सोमवार, 6 नवंबर 2028, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

सोमवार, 6 नवंबर 2028 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (03:59, 7 नव॰ तक), नक्षत्र आर्द्रा (01:33, 7 नव॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:02 पर और सूर्यास्त 16:43 पर है। राहुकाल 08:14 से 09:27 तक है।

दिन और रात
दिन 07:02 – 16:43
रात 07:03 तक
तिथि
पंचमी, 03:59 तक
षष्ठी
नक्षत्र
आर्द्रा, 01:33 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 नवंबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 03:59, 7 नव॰ तक
कृष्ण षष्ठी 03:19, 8 नव॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 01:33, 7 नव॰ तक
पुनर्वसु 01:33, 8 नव॰ तक
योग
सिद्ध 23:27 तक
साध्य 21:49, 7 नव॰ तक
करण
कौलव 16:09 तक
तैतिल 03:59, 7 नव॰ तक
गर 15:42, 7 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:02
सूर्यास्त
16:43
चंद्रोदय
19:58
चंद्रास्त
11:28
दिनमान
9h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 06:04
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:12

अशुभ समय

राहुकाल
08:14 – 09:27
यमगंड
10:40 – 11:52
गुलिक काल
13:05 – 14:18

6 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:02 – 08:14शुभ
काल08:14 – 09:27टालें
शुभ09:27 – 10:40शुभ
रोग10:40 – 11:52टालें
उद्वेग11:52 – 13:05टालें
चर13:05 – 14:18सामान्य
लाभ14:18 – 15:30शुभ
अमृत15:30 – 16:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:43 – 18:30सामान्य
रोग18:30 – 20:18टालें
काल20:18 – 22:05टालें
लाभ22:05 – 23:53शुभ
उद्वेग23:53 – 01:40टालें
शुभ01:40 – 03:28शुभ
अमृत03:28 – 05:16शुभ
चर05:16 – 07:03सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:0207:50दिन
शनि07:5008:38दिन
गुरु08:3809:27दिन
मंगल09:2710:15दिन
सूर्य10:1511:04दिन
शुक्र11:0411:52दिन
बुध11:5212:41दिन
चंद्र12:4113:29दिन
शनि13:2914:18दिन
गुरु14:1815:06दिन
मंगल15:0615:54दिन
सूर्य15:5416:43दिन
शुक्र16:4317:55रात
बुध17:5519:06रात
चंद्र19:0620:18रात
शनि20:1821:30रात
गुरु21:3022:41रात
मंगल22:4123:53रात
सूर्य23:5301:05रात
शुक्र01:0502:16रात
बुध02:1603:28रात
चंद्र03:2804:40रात
शनि04:4005:51रात
गुरु05:5107:03रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 नव॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 नव॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 नव॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
15 नव॰ 2028मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
15 नव॰ 2028वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
19 नव॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
27 नव॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
29 नव॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 दिस॰ 2028मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा
5 दिस॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2601° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।