12 जनवरी 2029 को सिएटल का पंचांग

शुक्रवार, 12 जनवरी 2029, सिएटल, संयुक्त राज्य। समय America/Los_Angeles में है।

शुक्रवार, 12 जनवरी 2029 को सिएटल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (09:36 तक), नक्षत्र मूल (01:34, 13 जन॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:54 पर और सूर्यास्त 16:41 पर है। राहुकाल 11:12 से 12:18 तक है।

दिन और रात
दिन 07:54 – 16:41
रात 07:53 तक
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
मूल, 01:34 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 जनवरी 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 09:36 तक
कृष्ण चतुर्दशी 09:17, 13 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 01:34, 13 जन॰ तक
पूर्वाषाढ़ा 02:07, 14 जन॰ तक
योग
ध्रुव 21:15 तक
व्याघातअशुभ 19:57, 13 जन॰ तक
करण
वणिज 09:36 तक
विष्टि (भद्रा) 21:23 तक
शकुनि 09:17, 13 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:54
सूर्यास्त
16:41
चंद्रोदय
06:30
चंद्रास्त
14:44
दिनमान
8h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:52 – 06:53
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
11:12 – 12:18
यमगंड
14:29 – 15:35
गुलिक काल
09:00 – 10:06

12 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:54 – 09:00सामान्य
लाभ09:00 – 10:06शुभ
अमृत10:06 – 11:12शुभ
काल11:12 – 12:18टालें
शुभ12:18 – 13:23शुभ
रोग13:23 – 14:29टालें
उद्वेग14:29 – 15:35टालें
चर15:35 – 16:41सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:41 – 18:35टालें
काल18:35 – 20:29टालें
लाभ20:29 – 22:23शुभ
उद्वेग22:23 – 00:17टालें
शुभ00:17 – 02:11शुभ
अमृत02:11 – 04:05शुभ
चर04:05 – 05:59सामान्य
रोग05:59 – 07:53टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:5408:38दिन
बुध08:3809:22दिन
चंद्र09:2210:06दिन
शनि10:0610:50दिन
गुरु10:5011:34दिन
मंगल11:3412:18दिन
सूर्य12:1813:02दिन
शुक्र13:0213:45दिन
बुध13:4514:29दिन
चंद्र14:2915:13दिन
शनि15:1315:57दिन
गुरु15:5716:41दिन
मंगल16:4117:57रात
सूर्य17:5719:13रात
शुक्र19:1320:29रात
बुध20:2921:45रात
चंद्र21:4523:01रात
शनि23:0100:17रात
गुरु00:1701:33रात
मंगल01:3302:49रात
सूर्य02:4904:05रात
शुक्र04:0505:21रात
बुध05:2106:37रात
चंद्र06:3707:53रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
25 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
27 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां सिएटल में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2626° (लाहिड़ी)। समय सिएटल (America/Los_Angeles) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।