10 जनवरी 2027 को सिडनी का पंचांग

रविवार, 10 जनवरी 2027, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Sydney में है।

रविवार, 10 जनवरी 2027 को सिडनी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (12:37 तक), नक्षत्र श्रवण (20:42 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 20:09 पर है। राहुकाल 18:22 से 20:09 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 20:09
रात 05:55 तक
तिथि
द्वितीया, 12:37 तक
तृतीया
नक्षत्र
श्रवण, 20:42 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 12:37 तक
शुक्ल तृतीया 14:58, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 20:42 तक
धनिष्ठा 23:23, 11 जन॰ तक
योग
वज्रअशुभ 22:32 तक
सिद्धि 23:08, 11 जन॰ तक
करण
कौलव 12:37 तक
तैतिल 01:50, 11 जन॰ तक
गर 14:58, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
20:09
चंद्रोदय
07:43
चंद्रास्त
21:41
दिनमान
14h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
12:33 – 13:30

अशुभ समय

राहुकाल
18:22 – 20:09
यमगंड
13:02 – 14:49
गुलिक काल
16:36 – 18:22

10 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:54 – 07:41टालें
चर07:41 – 09:28सामान्य
लाभ09:28 – 11:15शुभ
अमृत11:15 – 13:02शुभ
काल13:02 – 14:49टालें
शुभ14:49 – 16:36शुभ
रोग16:36 – 18:22टालें
उद्वेग18:22 – 20:09टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ20:09 – 21:23शुभ
अमृत21:23 – 22:36शुभ
चर22:36 – 23:49सामान्य
रोग23:49 – 01:02टालें
काल01:02 – 02:15टालें
लाभ02:15 – 03:29शुभ
उद्वेग03:29 – 04:42टालें
शुभ04:42 – 05:55शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5407:05दिन
शुक्र07:0508:17दिन
बुध08:1709:28दिन
चंद्र09:2810:39दिन
शनि10:3911:51दिन
गुरु11:5113:02दिन
मंगल13:0214:13दिन
सूर्य14:1315:24दिन
शुक्र15:2416:36दिन
बुध16:3617:47दिन
चंद्र17:4718:58दिन
शनि18:5820:09दिन
गुरु20:0920:58रात
मंगल20:5821:47रात
सूर्य21:4722:36रात
शुक्र22:3623:25रात
बुध23:2500:13रात
चंद्र00:1301:02रात
शनि01:0201:51रात
गुरु01:5102:40रात
मंगल02:4003:29रात
सूर्य03:2904:17रात
शुक्र04:1705:06रात
बुध05:0605:55रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
12 जन॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
15 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
21 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
26 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या

तिथियां सिडनी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2346° (लाहिड़ी)। समय सिडनी (Australia/Sydney) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।