18 सितंबर 2027 को सिडनी का पंचांग

शनिवार, 18 सितंबर 2027, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Sydney में है।

शनिवार, 18 सितंबर 2027 को सिडनी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (11:14 तक), नक्षत्र रेवती (21:17 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 17:48 पर है। राहुकाल 08:50 से 10:20 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 17:48
रात 05:49 तक
तिथि
द्वितीया, 11:14 तक
तृतीया
नक्षत्र
रेवती, 21:17 तक
अश्विनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 सितंबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 11:14 तक
कृष्ण तृतीया 11:39, 19 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 21:17 तक
अश्विनी 22:11, 19 सित॰ तक
योग
वृद्धि 13:33 तक
ध्रुव 12:49, 19 सित॰ तक
करण
गर 11:14 तक
वणिज 23:30 तक
विष्टि (भद्रा) 11:39, 19 सित॰ तक
चंद्र राशि
मीन 21:17 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
17:48
चंद्रोदय
20:04
चंद्रास्त
06:32
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
08:50 – 10:20
यमगंड
13:19 – 14:49
गुलिक काल
05:51 – 07:20

18 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:51 – 07:20टालें
शुभ07:20 – 08:50शुभ
रोग08:50 – 10:20टालें
उद्वेग10:20 – 11:49टालें
चर11:49 – 13:19सामान्य
लाभ13:19 – 14:49शुभ
अमृत14:49 – 16:18शुभ
काल16:18 – 17:48टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:48 – 19:18शुभ
उद्वेग19:18 – 20:48टालें
शुभ20:48 – 22:18शुभ
अमृत22:18 – 23:49शुभ
चर23:49 – 01:19सामान्य
रोग01:19 – 02:49टालें
काल02:49 – 04:19टालें
लाभ04:19 – 05:49शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5106:51दिन
गुरु06:5107:50दिन
मंगल07:5008:50दिन
सूर्य08:5009:50दिन
शुक्र09:5010:50दिन
बुध10:5011:49दिन
चंद्र11:4912:49दिन
शनि12:4913:49दिन
गुरु13:4914:49दिन
मंगल14:4915:48दिन
सूर्य15:4816:48दिन
शुक्र16:4817:48दिन
बुध17:4818:48रात
चंद्र18:4819:48रात
शनि19:4820:48रात
गुरु20:4821:48रात
मंगल21:4822:48रात
सूर्य22:4823:49रात
शुक्र23:4900:49रात
बुध00:4901:49रात
चंद्र01:4902:49रात
शनि02:4903:49रात
गुरु03:4904:49रात
मंगल04:4905:49रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
20 सित॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
24 सित॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
26 सित॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
28 सित॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
30 सित॰ 2027आश्विन अमावस्याअमावस्या
4 अक्टू॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
11 अक्टू॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
13 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
15 अक्टू॰ 2027आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां सिडनी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2442° (लाहिड़ी)। समय सिडनी (Australia/Sydney) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।