8 जनवरी 2028 को सिडनी का पंचांग

शनिवार, 8 जनवरी 2028, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Sydney में है।

शनिवार, 8 जनवरी 2028 को सिडनी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (01:06, 9 जन॰ तक), नक्षत्र भरणी (09:22 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 20:09 पर है। राहुकाल 09:27 से 11:14 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 20:09
रात 05:53 तक
तिथि
एकादशी, 01:06 तक
द्वादशी
नक्षत्र
भरणी, 09:22 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 01:06, 9 जन॰ तक
शुक्ल द्वादशी 23:26, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
भरणी 09:22 तक
कृत्तिका 08:50, 9 जन॰ तक
योग
साध्य 15:37 तक
शुभ 13:19, 9 जन॰ तक
करण
वणिज 13:39 तक
विष्टि (भद्रा) 01:06, 9 जन॰ तक
बव 12:21, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
मेष 15:18 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
20:09
चंद्रोदय
16:19
चंद्रास्त
01:35
दिनमान
14h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
12:32 – 13:29

अशुभ समय

राहुकाल
09:27 – 11:14
यमगंड
14:48 – 16:35
गुलिक काल
05:52 – 07:39

8 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:52 – 07:39टालें
शुभ07:39 – 09:27शुभ
रोग09:27 – 11:14टालें
उद्वेग11:14 – 13:01टालें
चर13:01 – 14:48सामान्य
लाभ14:48 – 16:35शुभ
अमृत16:35 – 18:22शुभ
काल18:22 – 20:09टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ20:09 – 21:22शुभ
उद्वेग21:22 – 22:35टालें
शुभ22:35 – 23:48शुभ
अमृत23:48 – 01:01शुभ
चर01:01 – 02:14सामान्य
रोग02:14 – 03:27टालें
काल03:27 – 04:40टालें
लाभ04:40 – 05:53शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5207:04दिन
गुरु07:0408:15दिन
मंगल08:1509:27दिन
सूर्य09:2710:38दिन
शुक्र10:3811:49दिन
बुध11:4913:01दिन
चंद्र13:0114:12दिन
शनि14:1215:24दिन
गुरु15:2416:35दिन
मंगल16:3517:47दिन
सूर्य17:4718:58दिन
शुक्र18:5820:09दिन
बुध20:0920:58रात
चंद्र20:5821:47रात
शनि21:4722:35रात
गुरु22:3523:24रात
मंगल23:2400:13रात
सूर्य00:1301:01रात
शुक्र01:0101:50रात
बुध01:5002:39रात
चंद्र02:3903:27रात
शनि03:2704:16रात
गुरु04:1605:04रात
मंगल05:0405:53रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 जन॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
22 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
24 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
31 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां सिडनी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2484° (लाहिड़ी)। समय सिडनी (Australia/Sydney) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।