17 जनवरी 2028 को सिडनी का पंचांग

सोमवार, 17 जनवरी 2028, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Sydney में है।

सोमवार, 17 जनवरी 2028 को सिडनी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (20:42 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (13:00 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 20:08 पर है। राहुकाल 07:46 से 09:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 20:08
रात 06:01 तक
तिथि
षष्ठी, 20:42 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 13:00 तक
हस्त
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जनवरी 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 20:42 तक
कृष्ण सप्तमी 19:02, 18 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 11:49, 18 जन॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 01:22, 18 जन॰ तक
सुकर्मा 22:53, 18 जन॰ तक
करण
गर 09:45 तक
वणिज 20:42 तक
विष्टि (भद्रा) 07:47, 18 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
20:08
चंद्रोदय
23:16
चंद्रास्त
11:30
दिनमान
14h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:21
अभिजीत मुहूर्त
12:36 – 13:33

अशुभ समय

राहुकाल
07:46 – 09:32
यमगंड
11:18 – 13:04
गुलिक काल
14:50 – 16:36

17 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:00 – 07:46शुभ
काल07:46 – 09:32टालें
शुभ09:32 – 11:18शुभ
रोग11:18 – 13:04टालें
उद्वेग13:04 – 14:50टालें
चर14:50 – 16:36सामान्य
लाभ16:36 – 18:22शुभ
अमृत18:22 – 20:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर20:08 – 21:22सामान्य
रोग21:22 – 22:36टालें
काल22:36 – 23:51टालें
लाभ23:51 – 01:05शुभ
उद्वेग01:05 – 02:19टालें
शुभ02:19 – 03:33शुभ
अमृत03:33 – 04:47शुभ
चर04:47 – 06:01सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0007:11दिन
शनि07:1108:22दिन
गुरु08:2209:32दिन
मंगल09:3210:43दिन
सूर्य10:4311:54दिन
शुक्र11:5413:04दिन
बुध13:0414:15दिन
चंद्र14:1515:26दिन
शनि15:2616:36दिन
गुरु16:3617:47दिन
मंगल17:4718:57दिन
सूर्य18:5720:08दिन
शुक्र20:0820:58रात
बुध20:5821:47रात
चंद्र21:4722:36रात
शनि22:3623:26रात
गुरु23:2600:15रात
मंगल00:1501:05रात
सूर्य01:0501:54रात
शुक्र01:5402:44रात
बुध02:4403:33रात
चंद्र03:3304:22रात
शनि04:2205:12रात
गुरु05:1206:01रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
19 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
22 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
24 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
31 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
7 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
9 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2028कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
14 फ़र॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां सिडनी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2488° (लाहिड़ी)। समय सिडनी (Australia/Sydney) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।