23 जनवरी 2028 को सिडनी का पंचांग

रविवार, 23 जनवरी 2028, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Sydney में है।

रविवार, 23 जनवरी 2028 को सिडनी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (19:53 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (14:48 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 20:06 पर है। राहुकाल 18:21 से 20:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 20:06
रात 06:07 तक
तिथि
द्वादशी, 19:53 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 14:48 तक
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 जनवरी 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 19:53 तक
कृष्ण त्रयोदशी 21:39, 24 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 16:58, 24 जन॰ तक
योग
ध्रुव 17:41 तक
व्याघातअशुभ 17:52, 24 जन॰ तक
करण
कौलव 07:10 तक
तैतिल 19:53 तक
गर 08:43, 24 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
20:06
चंद्रोदय
02:37
चंद्रास्त
17:45
दिनमान
13h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
12:38 – 13:34

अशुभ समय

राहुकाल
18:21 – 20:06
यमगंड
13:06 – 14:51
गुलिक काल
16:36 – 18:21

23 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:06 – 07:51टालें
चर07:51 – 09:36सामान्य
लाभ09:36 – 11:21शुभ
अमृत11:21 – 13:06शुभ
काल13:06 – 14:51टालें
शुभ14:51 – 16:36शुभ
रोग16:36 – 18:21टालें
उद्वेग18:21 – 20:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ20:06 – 21:21शुभ
अमृत21:21 – 22:36शुभ
चर22:36 – 23:51सामान्य
रोग23:51 – 01:07टालें
काल01:07 – 02:22टालें
लाभ02:22 – 03:37शुभ
उद्वेग03:37 – 04:52टालें
शुभ04:52 – 06:07शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0607:16दिन
शुक्र07:1608:26दिन
बुध08:2609:36दिन
चंद्र09:3610:46दिन
शनि10:4611:56दिन
गुरु11:5613:06दिन
मंगल13:0614:16दिन
सूर्य14:1615:26दिन
शुक्र15:2616:36दिन
बुध16:3617:46दिन
चंद्र17:4618:56दिन
शनि18:5620:06दिन
गुरु20:0620:56रात
मंगल20:5621:46रात
सूर्य21:4622:36रात
शुक्र22:3623:26रात
बुध23:2600:16रात
चंद्र00:1601:07रात
शनि01:0701:57रात
गुरु01:5702:47रात
मंगल02:4703:37रात
सूर्य03:3704:27रात
शुक्र04:2705:17रात
बुध05:1706:07रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
24 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
31 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
7 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
9 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2028कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
14 फ़र॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
18 फ़र॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 फ़र॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां सिडनी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2490° (लाहिड़ी)। समय सिडनी (Australia/Sydney) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।