25 फ़रवरी 2026 को ठाणे का पंचांग

बुधवार, 25 फ़रवरी 2026, ठाणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 25 फ़रवरी 2026 को ठाणे में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (02:41, 26 फ़र॰ तक), नक्षत्र रोहिणी (13:38 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 07:00 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 12:51 से 14:19 तक है।

दिन और रात
दिन 07:00 – 18:42
रात 06:59 तक
तिथि
नवमी, 02:41 तक
दशमी
नक्षत्र
रोहिणी, 13:38 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल नवमी 02:41, 26 फ़र॰ तक
शुक्ल दशमी 00:33, 27 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 13:38 तक
मृगशिरा 12:11, 26 फ़र॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 01:28, 26 फ़र॰ तक
प्रीति 22:33, 26 फ़र॰ तक
करण
बालव 15:46 तक
कौलव 02:41, 26 फ़र॰ तक
तैतिल 13:37, 26 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 00:54, 26 फ़र॰ तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:00
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
12:36
चंद्रास्त
01:31
दिनमान
11h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:21 – 06:11
अभिजीत मुहूर्त
12:27 – 13:14 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:51 – 14:19
यमगंड
08:28 – 09:55
गुलिक काल
11:23 – 12:51

25 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:00 – 08:28शुभ
अमृत08:28 – 09:55शुभ
काल09:55 – 11:23टालें
शुभ11:23 – 12:51शुभ
रोग12:51 – 14:19टालें
उद्वेग14:19 – 15:46टालें
चर15:46 – 17:14सामान्य
लाभ17:14 – 18:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:42 – 20:14टालें
शुभ20:14 – 21:46शुभ
अमृत21:46 – 23:18शुभ
चर23:18 – 00:50सामान्य
रोग00:50 – 02:23टालें
काल02:23 – 03:55टालें
लाभ03:55 – 05:27शुभ
उद्वेग05:27 – 06:59टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:0007:58दिन
चंद्र07:5808:57दिन
शनि08:5709:55दिन
गुरु09:5510:54दिन
मंगल10:5411:52दिन
सूर्य11:5212:51दिन
शुक्र12:5113:49दिन
बुध13:4914:48दिन
चंद्र14:4815:46दिन
शनि15:4616:45दिन
गुरु16:4517:43दिन
मंगल17:4318:42दिन
सूर्य18:4219:43रात
शुक्र19:4320:45रात
बुध20:4521:46रात
चंद्र21:4622:48रात
शनि22:4823:49रात
गुरु23:4900:50रात
मंगल00:5001:52रात
सूर्य01:5202:53रात
शुक्र02:5303:55रात
बुध03:5504:56रात
चंद्र04:5605:58रात
शनि05:5806:59रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 फ़र॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
7 मार्च 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 मार्च 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
15 मार्च 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
15 मार्च 2026मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
17 मार्च 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
19 मार्च 2026चैत्र अमावस्याअमावस्या
22 मार्च 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां ठाणे में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2224° (लाहिड़ी)। समय ठाणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।