19 नवंबर 2027 को ठाणे का पंचांग

शुक्रवार, 19 नवंबर 2027, ठाणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 19 नवंबर 2027 को ठाणे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (21:20 तक), नक्षत्र पुष्य (00:27, 20 नव॰ तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 10:59 से 12:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 17:58
रात 06:48 तक
तिथि
षष्ठी, 21:20 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पुष्य, 00:27 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 नवंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 21:20 तक
कृष्ण सप्तमी 19:17, 20 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 00:27, 20 नव॰ तक
आश्लेषा 23:07, 20 नव॰ तक
योग
शुक्ल 01:03, 20 नव॰ तक
ब्रह्म 22:12, 20 नव॰ तक
करण
गर 10:23 तक
वणिज 21:20 तक
विष्टि (भद्रा) 08:18, 20 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
23:09
चंद्रास्त
11:36
दिनमान
11h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:56
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
10:59 – 12:23
यमगंड
15:11 – 16:35
गुलिक काल
08:11 – 09:35

19 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:47 – 08:11सामान्य
लाभ08:11 – 09:35शुभ
अमृत09:35 – 10:59शुभ
काल10:59 – 12:23टालें
शुभ12:23 – 13:47शुभ
रोग13:47 – 15:11टालें
उद्वेग15:11 – 16:35टालें
चर16:35 – 17:58सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:58 – 19:35टालें
काल19:35 – 21:11टालें
लाभ21:11 – 22:47शुभ
उद्वेग22:47 – 00:23टालें
शुभ00:23 – 01:59शुभ
अमृत01:59 – 03:35शुभ
चर03:35 – 05:12सामान्य
रोग05:12 – 06:48टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4707:43दिन
बुध07:4308:39दिन
चंद्र08:3909:35दिन
शनि09:3510:31दिन
गुरु10:3111:27दिन
मंगल11:2712:23दिन
सूर्य12:2313:19दिन
शुक्र13:1914:15दिन
बुध14:1515:11दिन
चंद्र15:1116:07दिन
शनि16:0717:03दिन
गुरु17:0317:58दिन
मंगल17:5819:03रात
सूर्य19:0320:07रात
शुक्र20:0721:11रात
बुध21:1122:15रात
चंद्र22:1523:19रात
शनि23:1900:23रात
गुरु00:2301:27रात
मंगल01:2702:31रात
सूर्य02:3103:35रात
शुक्र03:3504:40रात
बुध04:4005:44रात
चंद्र05:4406:48रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
21 नव॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
24 नव॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
26 नव॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
28 नव॰ 2027मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
2 दिस॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
9 दिस॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 दिस॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 दिस॰ 2027मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा
16 दिस॰ 2027धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
17 दिस॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां ठाणे में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2465° (लाहिड़ी)। समय ठाणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।