5 नवंबर 2028 को ठाणे का पंचांग

रविवार, 5 नवंबर 2028, ठाणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 5 नवंबर 2028 को ठाणे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (17:33 तक), नक्षत्र रोहिणी (13:47 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:40 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 16:37 से 18:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:40 – 18:02
रात 06:41 तक
तिथि
तृतीया, 17:33 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
रोहिणी, 13:47 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 नवंबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 17:33 तक
कृष्ण चतुर्थी 17:43, 6 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 13:47 तक
मृगशिरा 14:37, 6 नव॰ तक
योग
परिघअशुभ 15:12 तक
शिव 14:14, 6 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:33 तक
बव 05:41, 6 नव॰ तक
बालव 17:43, 6 नव॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 02:15, 6 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
20:20
चंद्रास्त
09:09
दिनमान
11h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
16:37 – 18:02
यमगंड
12:21 – 13:46
गुलिक काल
15:12 – 16:37

5 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:40 – 08:05टालें
चर08:05 – 09:31सामान्य
लाभ09:31 – 10:56शुभ
अमृत10:56 – 12:21शुभ
काल12:21 – 13:46टालें
शुभ13:46 – 15:12शुभ
रोग15:12 – 16:37टालें
उद्वेग16:37 – 18:02टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:02 – 19:37शुभ
अमृत19:37 – 21:12शुभ
चर21:12 – 22:47सामान्य
रोग22:47 – 00:21टालें
काल00:21 – 01:56टालें
लाभ01:56 – 03:31शुभ
उद्वेग03:31 – 05:06टालें
शुभ05:06 – 06:41शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4007:37दिन
शुक्र07:3708:34दिन
बुध08:3409:31दिन
चंद्र09:3110:27दिन
शनि10:2711:24दिन
गुरु11:2412:21दिन
मंगल12:2113:18दिन
सूर्य13:1814:15दिन
शुक्र14:1515:12दिन
बुध15:1216:08दिन
चंद्र16:0817:05दिन
शनि17:0518:02दिन
गुरु18:0219:05रात
मंगल19:0520:09रात
सूर्य20:0921:12रात
शुक्र21:1222:15रात
बुध22:1523:18रात
चंद्र23:1800:21रात
शनि00:2101:25रात
गुरु01:2502:28रात
मंगल02:2803:31रात
सूर्य03:3104:34रात
शुक्र04:3405:37रात
बुध05:3706:41रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 नव॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 नव॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 नव॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 नव॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 नव॰ 2028मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
16 नव॰ 2028वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
27 नव॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
29 नव॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 दिस॰ 2028मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां ठाणे में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2600° (लाहिड़ी)। समय ठाणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।