1 दिसंबर 2029 को ठाणे का पंचांग

शनिवार, 1 दिसंबर 2029, ठाणे, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 1 दिसंबर 2029 को ठाणे में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (12:40 तक), नक्षत्र हस्त (02:15, 2 दिस॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:55 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 09:41 से 11:04 तक है।

दिन और रात
दिन 06:55 – 17:58
रात 06:55 तक
तिथि
दशमी, 12:40 तक
एकादशी
नक्षत्र
हस्त, 02:15 तक
चित्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 दिसंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण दशमी 12:40 तक
कृष्ण एकादशी 09:52, 2 दिस॰ तक
नक्षत्र
हस्त 02:15, 2 दिस॰ तक
चित्रा 23:55, 2 दिस॰ तक
योग
प्रीति 07:11 तक
आयुष्मान 03:47, 2 दिस॰ तक
सौभाग्य 00:03, 3 दिस॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:40 तक
बव 23:19 तक
बालव 09:52, 2 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:55
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
02:10
चंद्रास्त
14:12
दिनमान
11h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 06:03
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
09:41 – 11:04
यमगंड
13:50 – 15:13
गुलिक काल
06:55 – 08:18

1 दिसंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:55 – 08:18टालें
शुभ08:18 – 09:41शुभ
रोग09:41 – 11:04टालें
उद्वेग11:04 – 12:27टालें
चर12:27 – 13:50सामान्य
लाभ13:50 – 15:13शुभ
अमृत15:13 – 16:35शुभ
काल16:35 – 17:58टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:58 – 19:36शुभ
उद्वेग19:36 – 21:13टालें
शुभ21:13 – 22:50शुभ
अमृत22:50 – 00:27शुभ
चर00:27 – 02:04सामान्य
रोग02:04 – 03:41टालें
काल03:41 – 05:18टालें
लाभ05:18 – 06:55शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5507:50दिन
गुरु07:5008:45दिन
मंगल08:4509:41दिन
सूर्य09:4110:36दिन
शुक्र10:3611:31दिन
बुध11:3112:27दिन
चंद्र12:2713:22दिन
शनि13:2214:17दिन
गुरु14:1715:13दिन
मंगल15:1316:08दिन
सूर्य16:0817:03दिन
शुक्र17:0317:58दिन
बुध17:5819:03रात
चंद्र19:0320:08रात
शनि20:0821:13रात
गुरु21:1322:17रात
मंगल22:1723:22रात
सूर्य23:2200:27रात
शुक्र00:2701:32रात
बुध01:3202:36रात
चंद्र02:3603:41रात
शनि03:4104:46रात
गुरु04:4605:51रात
मंगल05:5106:55रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
2 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
9 दिस॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 दिस॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 दिस॰ 2029धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
18 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा
24 दिस॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 दिस॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां ठाणे में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2750° (लाहिड़ी)। समय ठाणे (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।