12 सितंबर 2025 को टोरंटो का पंचांग

शुक्रवार, 12 सितंबर 2025, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

शुक्रवार, 12 सितंबर 2025 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (21:53 तक), नक्षत्र कृत्तिका (00:41, 13 सित॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:53 पर और सूर्यास्त 19:32 पर है। राहुकाल 11:38 से 13:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:53 – 19:32
रात 06:55 तक
तिथि
षष्ठी, 21:53 तक
सप्तमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 00:41 तक
रोहिणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 21:53 तक
कृष्ण सप्तमी 19:34, 13 सित॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 00:41, 13 सित॰ तक
रोहिणी 23:11, 13 सित॰ तक
योग
हर्षण 01:02, 13 सित॰ तक
वज्रअशुभ 22:05, 13 सित॰ तक
करण
गर 11:09 तक
वणिज 21:53 तक
विष्टि (भद्रा) 08:41, 13 सित॰ तक
चंद्र राशि
मेष 08:00 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:53
सूर्यास्त
19:32
चंद्रोदय
21:57
चंद्रास्त
13:06
दिनमान
12h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:08
अभिजीत मुहूर्त
12:47 – 13:38

अशुभ समय

राहुकाल
11:38 – 13:13
यमगंड
16:22 – 17:57
गुलिक काल
08:28 – 10:03

12 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:53 – 08:28सामान्य
लाभ08:28 – 10:03शुभ
अमृत10:03 – 11:38शुभ
काल11:38 – 13:13टालें
शुभ13:13 – 14:48शुभ
रोग14:48 – 16:22टालें
उद्वेग16:22 – 17:57टालें
चर17:57 – 19:32सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:32 – 20:57टालें
काल20:57 – 22:23टालें
लाभ22:23 – 23:48शुभ
उद्वेग23:48 – 01:13टालें
शुभ01:13 – 02:39शुभ
अमृत02:39 – 04:04शुभ
चर04:04 – 05:29सामान्य
रोग05:29 – 06:55टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:5307:57दिन
बुध07:5709:00दिन
चंद्र09:0010:03दिन
शनि10:0311:06दिन
गुरु11:0612:10दिन
मंगल12:1013:13दिन
सूर्य13:1314:16दिन
शुक्र14:1615:19दिन
बुध15:1916:22दिन
चंद्र16:2217:26दिन
शनि17:2618:29दिन
गुरु18:2919:32दिन
मंगल19:3220:29रात
सूर्य20:2921:26रात
शुक्र21:2622:23रात
बुध22:2323:20रात
चंद्र23:2000:16रात
शनि00:1601:13रात
गुरु01:1302:10रात
मंगल02:1003:07रात
सूर्य03:0704:04रात
शुक्र04:0405:01रात
बुध05:0105:58रात
चंद्र05:5806:55रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 सित॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 सित॰ 2025कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
17 सित॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
19 सित॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 सित॰ 2025आश्विन अमावस्याअमावस्या
25 सित॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
3 अक्टू॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
4 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
6 अक्टू॰ 2025आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
10 अक्टू॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2160° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।