18 जनवरी 2026 को टोरंटो का पंचांग

रविवार, 18 जनवरी 2026, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

रविवार, 18 जनवरी 2026 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (14:52 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (01:22, 19 जन॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 07:46 पर और सूर्यास्त 17:10 पर है। राहुकाल 15:59 से 17:10 तक है।

दिन और रात
दिन 07:46 – 17:10
रात 07:45 तक
तिथि
अमावस्या, 14:52 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 01:22 तक
श्रवण
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जनवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
अमावस्या 14:52 तक
शुक्ल प्रतिपदा 15:44, 19 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 01:22, 19 जन॰ तक
श्रवण 02:37, 20 जन॰ तक
योग
हर्षण 10:41 तक
वज्रअशुभ 10:15, 19 जन॰ तक
करण
नाग 14:52 तक
किंस्तुघ्न 03:21, 19 जन॰ तक
बव 15:44, 19 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:46
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
08:01
चंद्रास्त
16:56
दिनमान
9h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:49 – 06:47
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
15:59 – 17:10
यमगंड
12:28 – 13:38
गुलिक काल
14:49 – 15:59

18 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:46 – 08:56टालें
चर08:56 – 10:07सामान्य
लाभ10:07 – 11:17शुभ
अमृत11:17 – 12:28शुभ
काल12:28 – 13:38टालें
शुभ13:38 – 14:49शुभ
रोग14:49 – 15:59टालें
उद्वेग15:59 – 17:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:10 – 18:59शुभ
अमृत18:59 – 20:49शुभ
चर20:49 – 22:38सामान्य
रोग22:38 – 00:27टालें
काल00:27 – 02:17टालें
लाभ02:17 – 04:06शुभ
उद्वेग04:06 – 05:56टालें
शुभ05:56 – 07:45शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:4608:33दिन
शुक्र08:3309:20दिन
बुध09:2010:07दिन
चंद्र10:0710:54दिन
शनि10:5411:41दिन
गुरु11:4112:28दिन
मंगल12:2813:15दिन
सूर्य13:1514:02दिन
शुक्र14:0214:49दिन
बुध14:4915:36दिन
चंद्र15:3616:23दिन
शनि16:2317:10दिन
गुरु17:1018:23रात
मंगल18:2319:36रात
सूर्य19:3620:49रात
शुक्र20:4922:01रात
बुध22:0123:14रात
चंद्र23:1400:27रात
शनि00:2701:40रात
गुरु01:4002:53रात
मंगल02:5304:06रात
सूर्य04:0605:19रात
शुक्र05:1906:32रात
बुध06:3207:45रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 फ़र॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 फ़र॰ 2026कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
14 फ़र॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 फ़र॰ 2026फाल्गुन अमावस्याअमावस्या

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2209° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।