18 अक्टूबर 2026 को टोरंटो का पंचांग

रविवार, 18 अक्टूबर 2026, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (01:22, 19 अक्टू॰ तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (06:08, 19 अक्टू॰ तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 07:35 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 17:07 से 18:29 तक है।

दिन और रात
दिन 07:35 – 18:29
रात 07:36 तक
तिथि
अष्टमी, 01:22 तक
नवमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 06:08 तक
श्रवण
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 01:22, 19 अक्टू॰ तक
शुक्ल नवमी 03:20, 20 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 06:08, 19 अक्टू॰ तक
श्रवण 08:32, 20 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 14:26 तक
धृति 15:05, 19 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:12 तक
बव 01:22, 19 अक्टू॰ तक
बालव 14:25, 19 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 10:03 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:35
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
15:03
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
10h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:50 – 06:43
अभिजीत मुहूर्त
12:40 – 13:24

अशुभ समय

राहुकाल
17:07 – 18:29
यमगंड
13:02 – 14:24
गुलिक काल
15:45 – 17:07

18 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:35 – 08:57टालें
चर08:57 – 10:18सामान्य
लाभ10:18 – 11:40शुभ
अमृत11:40 – 13:02शुभ
काल13:02 – 14:24टालें
शुभ14:24 – 15:45शुभ
रोग15:45 – 17:07टालें
उद्वेग17:07 – 18:29टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:29 – 20:07शुभ
अमृत20:07 – 21:46शुभ
चर21:46 – 23:24सामान्य
रोग23:24 – 01:02टालें
काल01:02 – 02:41टालें
लाभ02:41 – 04:19शुभ
उद्वेग04:19 – 05:58टालें
शुभ05:58 – 07:36शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:3508:30दिन
शुक्र08:3009:24दिन
बुध09:2410:18दिन
चंद्र10:1811:13दिन
शनि11:1312:07दिन
गुरु12:0713:02दिन
मंगल13:0213:56दिन
सूर्य13:5614:51दिन
शुक्र14:5115:45दिन
बुध15:4516:40दिन
चंद्र16:4017:34दिन
शनि17:3418:29दिन
गुरु18:2919:34रात
मंगल19:3420:40रात
सूर्य20:4021:46रात
शुक्र21:4622:51रात
बुध22:5123:57रात
चंद्र23:5701:02रात
शनि01:0202:08रात
गुरु02:0803:14रात
मंगल03:1404:19रात
सूर्य04:1905:25रात
शुक्र05:2506:31रात
बुध06:3107:36रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
21 अक्टू॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
23 अक्टू॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
25 अक्टू॰ 2026आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
29 अक्टू॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 नव॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 नव॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 नव॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
13 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2314° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।