12 जनवरी 2027 को टोरंटो का पंचांग

मंगलवार, 12 जनवरी 2027, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

मंगलवार, 12 जनवरी 2027 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (02:32, 13 जन॰ तक), नक्षत्र शतभिषा (09:44 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 07:49 पर और सूर्यास्त 17:02 पर है। राहुकाल 14:44 से 15:53 तक है।

दिन और रात
दिन 07:49 – 17:02
रात 07:48 तक
तिथि
पंचमी, 02:32 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 जनवरी 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 02:32, 13 जन॰ तक
शुक्ल षष्ठी 03:29, 14 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 09:44 तक
पूर्वा भाद्रपद 11:34, 13 जन॰ तक
योग
वरीयान 07:24, 13 जन॰ तक
परिघअशुभ 06:52, 14 जन॰ तक
करण
बव 13:50 तक
बालव 02:32, 13 जन॰ तक
कौलव 15:05, 13 जन॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 05:10, 13 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:49
सूर्यास्त
17:02
चंद्रोदय
10:05
चंद्रास्त
22:03
दिनमान
9h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:50 – 06:50
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
14:44 – 15:53
यमगंड
10:07 – 11:16
गुलिक काल
12:25 – 13:35

12 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:49 – 08:58टालें
उद्वेग08:58 – 10:07टालें
चर10:07 – 11:16सामान्य
लाभ11:16 – 12:25शुभ
अमृत12:25 – 13:35शुभ
काल13:35 – 14:44टालें
शुभ14:44 – 15:53शुभ
रोग15:53 – 17:02टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:02 – 18:53टालें
लाभ18:53 – 20:44शुभ
उद्वेग20:44 – 22:34टालें
शुभ22:34 – 00:25शुभ
अमृत00:25 – 02:16शुभ
चर02:16 – 04:07सामान्य
रोग04:07 – 05:58टालें
काल05:58 – 07:48टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:4908:35दिन
सूर्य08:3509:21दिन
शुक्र09:2110:07दिन
बुध10:0710:53दिन
चंद्र10:5311:39दिन
शनि11:3912:25दिन
गुरु12:2513:12दिन
मंगल13:1213:58दिन
सूर्य13:5814:44दिन
शुक्र14:4415:30दिन
बुध15:3016:16दिन
चंद्र16:1617:02दिन
शनि17:0218:16रात
गुरु18:1619:30रात
मंगल19:3020:44रात
सूर्य20:4421:58रात
शुक्र21:5823:11रात
बुध23:1100:25रात
चंद्र00:2501:39रात
शनि01:3902:53रात
गुरु02:5304:07रात
मंगल04:0705:21रात
सूर्य05:2106:35रात
शुक्र06:3507:48रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या
10 फ़र॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2347° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।